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Mumbai सतिंदर सरताज ने रणवीर सिंह के ‘धुरंधर’ प्रदर्शन को दिया “स्टैंडिंग ओवेशन”: “ऐसी मेहनत को मैं दिल से सराहता हूं” Satinder Sartaaj gives Ranveer Singh's 'Dhurandhar' performance a "standing ovation": "I deeply appreciate such hard work"

 


Mumbai (Chirag) रणवीर सिंह का ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी में दबदबा अब सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहा—यह एक बड़ा phenomenon बन चुका है। हर नई किस्त के साथ उन्होंने सिर्फ अभिनय नहीं किया, बल्कि खुद को पूरी तरह बदल दिया है, मुख्यधारा के भारतीय सिनेमा में परफॉर्मेंस की सीमाओं को आगे बढ़ाते हुए। परतदार किरदार निभाने से लेकर ऐसे भावनात्मक पल देने तक, जो फिल्म खत्म होने के बाद भी याद रह जाएं—रणवीर को दर्शकों और इंडस्ट्री दोनों से जबरदस्त सराहना मिली है। ऐसी ही एक आवाज सतिंदर सरताज की भी है, जिन्होंने उनका प्रदर्शन देखने के बाद उनकी कला की गहराई से तारीफ की। एक बेहद भावुक सीन को याद करते हुए उन्होंने कहा: “फिल्म में एक सीन है, जब वह ट्रेन से घर लौट रहा होता है और एक बच्चे को देखकर रो पड़ता है। मैं उससे पूछना चाहूंगा कि उस समय वह क्या सोच रहा था? क्योंकि मुझे लगा कि वह सच में रो रहा था। इतना वास्तविक होना बहुत मुश्किल है। और रोज़-रोज़ ऐसा करने से आप कितने थक जाते होंगे। अगर आपको हर दिन ऐसे दो सीन करने हों, तो आप पूरी तरह खत्म हो जाते हैं। यह बहुत मेहनत का काम है। मैं वहां खड़ा हो गया और बिना फिल्म के किसी भी कास्ट या क्रू की मौजूदगी के मैंने उसे स्टैंडिंग ओवेशन दिया। मैं ऐसी मेहनत की दिल से कद्र करता हूं।”


यह सिर्फ तारीफ नहीं है—यह उस अभिनेता की पहचान है जो अपने किरदारों में इतना डूब जाता है कि अभिनय और वास्तविकता के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है। ‘धुरंधर’ में रणवीर ने सिर्फ तीव्रता ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सच्चाई भी दिखाई है, जिसने अनुभवी कलाकारों जैसे सरताज को भी गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने आगे कहा, “ वह अब अपने काम के प्रति और भी ज्यादा ज़मीन से जुड़े और ईमानदार हो गए हैं। वह पहले से ही ऐसे थे। कुछ पल किस्मत में होते हैं, लेकिन उसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। अगर वह मुंबई या कहीं और शूटिंग कर रहे हैं, और रात को होटल या घर लौटते हैं, तो उन्हें कई तरह की भावनाएं महसूस होती होंगी—खालीपन, संतोष और बेहद थकान। यह बहुत कठिन काम है।”


ये शब्द बताते हैं कि आज रणवीर को अलग क्या बनाता है—सिर्फ टैलेंट नहीं, बल्कि अपनी कला के प्रति उनका लगातार समर्पण। ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी इस समर्पण की मिसाल है, जहां वह स्क्रीन पर सच्चाई लाने के लिए खुद को पूरी तरह झोंक देते हैं। आलोचकों की सराहना के अलावा, आंकड़े भी उनकी सफलता की कहानी बताते हैं। रणवीर सिंह ने कई बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़े हैं और हिंदी सिनेमा में सफलता की नई परिभाषा गढ़ी है। ₹1000 करोड़ हिंदी नेट क्लब का चेहरा बनकर उन्होंने खुद को एक खास श्रेणी के ‘संस्थापक’ के रूप में स्थापित किया है—जो पैमाने, निरंतरता और बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त पकड़ का प्रतीक है।


आज रणवीर सिंह सिर्फ सफलता का आनंद नहीं ले रहे—वह उसे दिशा दे रहे हैं। ‘धुरंधर’ के साथ उन्होंने अपने करियर के सबसे सराहनीय प्रदर्शन में से एक दिया है और खुद को नए बॉक्स ऑफिस सम्राट के रूप में स्थापित कर लिया है।



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