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Bhopal सोनम और मुस्कान से सिया तक, नारी-चरित्र पर उठते सवाल From Sonam and Muskaan to Sia, questions are being raised about the character of women.

 


Upgrade Jharkhand News.  बीते साल हनीमून ट्रिप पर पति राजा रघुवंशी को प्रेमी संग मौत के घाट उतारने वाली इंदौर की सोनम की तर्ज पर अब पुणे की युवती सिया गोयल ने अपने मित्र चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ मिलकर अरबपति मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले की पहाड़ी से धक्का देकर मार डाला। घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने सघन जांच कर सिया और चेतन को गिरफ्तार किया। दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया है। यह वारदात समाज में पनप रहे लव-अफेयर्स और प्रेमी को पाने के लिए हिंसा की ओर बढ़ती युवा पीढ़ी का चेहरा उजागर करती है। साथ ही यह भी बताती है कि इश्क के जुनून में बेगुनाह मंगेतर या पति के कत्ल से भी गुरेज नहीं करने वाली कथित एलीट, एजुकेटेड, बिंदास लड़कियों के व्यवहार में बर्बरता घर कर चुकी है। यह भारतीय समाज में पतन की पराकाष्ठा है।


केतन और सिया की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी। नवंबर में उदयपुर के एक महल में 17 करोड़ रुपये खर्च कर शाही शादी तय थी। मेहमानों के लिए दो प्राइवेट जेट बुक थे। 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाना था। मुंबई एयरपोर्ट पर बाकी सबके पासपोर्ट सुरक्षित मिले, सिर्फ केतन का पासपोर्ट गायब था। यह सिया की सोची-समझी साजिश थी ताकि ट्रिप रद्द हो। ट्रिप रद्द होने के बाद सिया ने नया प्लान बनाया। 19 जून को उसका जन्मदिन था। उसने जिद कर 18 जून को प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए केतन को लोहगढ़ किले चलने पर राजी कर लिया। सुबह 8:20 बजे केतन घर से निकला। ढाई घंटे बाद 10:45 बजे सिया की मां का फोन आया कि केतन 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। सिया ने पुलिस को बताया कि तेज हवा से पैर फिसला। पुलिस ने पहले इसे हादसा माना।


केतन के पिता विशाल अग्रवाल बताते हैं कि शव घर आने पर सिया के चेहरे पर दुख का नामोनिशान नहीं था। मंगेतर की मौत पर टूट जाने वाली स्त्री बिल्कुल सामान्य थी। यही पहला झटका था। जांच में खुलासा हुआ कि सिया और प्रेमी चेतन ने मिलकर केतन को धक्का दिया था। एक साल पहले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की नवविवाहिता पत्नी सोनम ने प्रेमी के साथ मिलकर हनीमून पर मेघालय में हत्या कर दी थी। 11 मई 2025 को शादी, 20 मई को शिलांग, 23 मई को राजा लापता। बाद में सोनम और प्रेमी गिरफ्तार हुए। मेरठ का मुस्कान रस्तोगी कांड और भी रूह कंपा देने वाला है। मार्च 2025 में मुस्कान ने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ पति सौरभ राजपूत को नशीली दवा देकर, गला रेतकर मार डाला। शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिया। सौरभ बेटी को लंदन ले जाना चाहता था, मुस्कान प्रेमी संग मेरठ में रहना चाहती थी।


पहले ऐसी घटनाएं फिल्मी पर्दे या ओटीटी पर दिखती थीं। अब कथित मॉडर्न-लिबरल गर्ल्स से लेकर ग्रामीण युवतियां तक प्रेमी के साथ पति का नृशंस कत्ल कर फर्जी कहानियां गढ़ती हैं, मगरमच्छी आंसू बहाती हैं। पुलिस जब सच सामने लाती है तो कलेजा कांप जाता है। सवाल है कि भारतीय समाज किधर जा रहा है? आदर्श भारतीय नारी का चरित्र त्याग, सहनशीलता, संस्कार, पारिवारिक एकजुटता और आत्मनिर्भरता का संगम माना जाता है। क्या अब भारतीय महिलाओं की पहचान सीता, गार्गी, कुन्ती, तारा, शबरी, मंदोदरी, द्रौपदी, मैत्रेयी, मदालसा, देवहूति, अरुंधति से न होकर सोनम, मुस्कान और सिया गोयल जैसी पथभ्रष्ट युवतियों से होगी? ये वारदातें नेक और चरित्रवान लड़कियों को भी संदेह की अग्नि-परीक्षा देने को मजबूर कर रही हैं। इससे नारी-शक्ति के पवित्र पतिव्रता चरित्र की सदियों पुरानी मान्यता खंडित हो रही है। परिवार बनने से पहले ही शक और संदेह की नींव पड़ रही है। महिलाओं में बढ़ती स्वच्छंदता और उन्मुक्त जीवन की चाह पतन की राह तैयार कर रही है। यदि यही चलता रहा तो दाम्पत्य और परिवार नाम की संस्था के नष्ट होने का खतरा वास्तविक है।


यदि आप किसी लड़की के रंग-रूप, आकर्षक शरीर, भोले चेहरे और डिग्रियां देखकर जीवनसाथी चुन रहे हैं, तो पहले उसके अतीत, वर्तमान अफेयर्स और दोस्तों की पूरी पड़ताल कर लें। वरना इंदौर के राजा रघुवंशी और पुणे के केतन अग्रवाल की तरह सिया या सोनम के हाथों जान गंवा सकते हैं। आधुनिकता का अर्थ मर्यादाहीनता नहीं , स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं। रिश्तों की नींव विश्वास है। जब विश्वास ही कत्ल होने लगे, तो समाज बर्बरता के आदिम युग की ओर लौटने लगता है। वक्त है कि परिवार, स्कूल और समाज मिलकर नैतिक शिक्षा, संस्कार और भावनात्मक परिपक्वता पर जोर दें। वरना पतन की पराकाष्ठा की यह सूची लंबी होती जाएगी। मनोज कुमार अग्रवाल



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