स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण पुलिया दिन-प्रतिदिन और कमजोर होती जा रही है। यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क पथ है, जहां से प्रतिदिन टाटानगर से किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा जाने वाली यात्री बसों के साथ-साथ लौह अयस्क ढोने वाले भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है। इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिया के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उदासीन बना हुआ है। ऐसे में आजीविका ग्राम संगठन की महिलाओं ने श्रमदान कर सड़क को समतल बनाकर प्रशासन को एक संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में जनता स्वयं भी आगे आ सकती है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने झारखंड सरकार तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अविलंब पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य सड़क मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए।

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