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Chaibasa झामसंसं केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने किया गुवा खदान क्षेत्र का निरीक्षण, मजदूरों की समस्याओं पर जताई नाराजगी JHAMSAN Central President Rama Pandey inspected the Guwa mine area and expressed displeasure over the problems of the workers.

 


Guwa (Sandeep Gupta) झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने यूनियन के अन्य पदाधिकारियों के साथ सेल की गुवा खदान, क्रेशर प्लांट एवं विभिन्न कार्यस्थलों का दौरा कर मजदूरों की समस्याओं और व्याप्त अनियमितताओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने सेल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) से मुलाकात कर मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की। रामा पाण्डे ने आरोप लगाया कि खदान क्षेत्र में कार्यरत कई ठेका मजदूरों को ठेकेदारों द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि मजदूरों की मेहनत की कमाई रोकना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। 


उन्होंने प्रबंधन से सभी बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने तथा भविष्य में प्रत्येक ठेका मजदूर को नियमानुसार न्यूनतम मजदूरी दिलाने की मांग की। उन्होंने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे वे असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि डीजीएमएस एवं आईबीएम के निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित कार्यस्थल और सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी से किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। झामसंसं अध्यक्ष ने खदान क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया।


उन्होंने कहा कि नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण भारी मात्रा में धूलकण उड़ रहे हैं, जिससे मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने खदान क्षेत्र में नियमित जल छिड़काव एवं प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की। बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के मुद्दे पर रामा पाण्डे ने कहा कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। 


ऐसे में अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक प्रबंधन को मजदूरों पर जबरन बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश का यूनियन सम्मान करेगी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों की मजदूरी, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो झारखंड मजदूर संघर्ष संघ व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। जरूरत पड़ने पर खदान से लेकर मुख्यालय स्तर तक संघर्ष को तेज किया जाएगा।



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