Guwa (Sandeep Gupta) सारंडा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के एक गांव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, एक आदिवासी परिवार में नवजात शिशु के जन्म की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब छठीयारी की रस्म में शामिल होने आया युवक का जीजा कथित रूप से अपनी पत्नी को छोड़कर पीड़ित युवक की पत्नी और उसके नवजात बच्चे को साथ लेकर फरार हो गया। आरोप है कि वह जाते-जाते पीड़ित की स्कूटी, मोबाइल फोन और घर में रखे लगभग 16 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गया। ग्रामीण सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित युवक की पत्नी ने कुछ दिन पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया था। परंपरा के अनुसार नवजात के छठीयारी संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें रिश्तेदारों, परिजनों और गांव के लोगों को आमंत्रित किया गया था।
पीड़ित युवक ने अपनी बहन और जीजा को भी इस पारिवारिक आयोजन में शामिल होने के लिए बुलाया था। दिनभर पूजा-पाठ, पारंपरिक रीति-रिवाज, सामूहिक भोज और नृत्य-गान के बीच उत्सव का माहौल बना रहा। किसी को अंदाजा नहीं था कि रात ढलते ही यह खुशी एक बड़े पारिवारिक संकट में बदल जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, 9 जून की रात लगभग 11 से 12 बजे के बीच अचानक पीड़ित युवक की पत्नी और उसका नवजात बच्चा घर से गायब मिले। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि युवक का जीजा भी वहां मौजूद नहीं है। आरोप है कि वह अपनी पत्नी को गांव में छोड़कर पीड़ित की पत्नी और नवजात को अपने साथ लेकर चला गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि घर के बाहर खड़ी स्कूटी, एक मोबाइल फोन और करीब 16 हजार रुपये नकद भी गायब हैं, जिन्हें कथित तौर पर आरोपी अपने साथ ले गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर यह आरोप लगाया जा रहा है, वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।
घटना के बाद उसकी पत्नी भी गहरे सदमे में बताई जा रही है। इस एक घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं और पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। घटना के बाद पीड़ित युवक और उसकी बहन न्याय की उम्मीद लेकर छोटानागरा थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। परिवार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा महिला, नवजात बच्चे और कथित रूप से ले जाए गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण सूत्रों के अनुसार आरोपित व्यक्ति बड़ाजामदा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज होने और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। सारंडा के आदिवासी समाज में पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक परंपराओं को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में छठीयारी जैसे शुभ अवसर पर सामने आई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रिश्ते पर परिवार सबसे अधिक भरोसा करता है, उसी रिश्ते पर लगे इस आरोप ने सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है।
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