Guwa (Sandeep Gupta) किरीबुरू-छोटानागरा मुख्य सड़क मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के तितलीघाट और झाड़बेड़ा गांव के बीच स्थित सारंडा घाटी में एक यात्री बस और मोबिल समेत अन्य तरल पदार्थों से लदी पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालक एवं सवार लोग सुरक्षित बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई। हादसे में दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। यात्री बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पिकअप वाहन भी गंभीर रूप से टूट गया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही छोटानागरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बस को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई। वहीं पिकअप वाहन समाचार लिखे जाने तक घटनास्थल पर ही खड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वाहन घाटी के एक खतरनाक मोड़ पर तेज रफ्तार में थे। अचानक आमने-सामने आने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सके और टक्कर हो गई। गौरतलब है कि किरीबुरू-छोटानागरा मार्ग पर दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेष रूप से सारंडा घाटी में तितलीघाट से सैडल गेट के बीच का हिस्सा दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है।
सड़क संकरी होने तथा कई अंधे मोड़ों के कारण सामने से आने वाले वाहनों का अनुमान लगाना कठिन हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन चालक अक्सर तेज गति से वाहन चलाते हैं और मोड़ों पर हॉर्न का उपयोग नहीं करते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, खतरनाक मोड़ों का चौड़ीकरण किया जाए तथा नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़े हादसे और जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।


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