Guwa (Sandeep Gupta) सेल प्रबंधन द्वारा 15 जून से सभी खदानों में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने के निर्णय के खिलाफ विभिन्न श्रमिक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले खुला विरोध शुरू कर दिया है। सामुदायिक भवन, मेघाहातुबुरु में आयोजित विशेष बैठक में सभी यूनियनों ने एकमत से फैसला लिया कि न्यायालय का अंतिम आदेश आने तक कोई भी श्रमिक बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेगा, चाहे इसके लिए वेतन कटौती या अनुपस्थित घोषित किए जाने जैसी कार्रवाई ही क्यों न झेलनी पड़े। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दीपक राम ने की।
इसमें एटक, इंटक (चौबे एवं दुबे गुट), झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, भारतीय मजदूर संघ, झारखंड माइंस मजदूर यूनियन, एचएमएस, सीटू तथा ऑल झारखंड माइंस वर्कर्स यूनियन सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यूनियन नेताओं ने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और 15 जून को ही इसकी सुनवाई निर्धारित है। ऐसे में प्रबंधन द्वारा इसे जल्दबाजी में लागू करना श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने यूनियनों से बिना किसी औपचारिक चर्चा के नई व्यवस्था थोपने का प्रयास किया है।
बैठक में यह भी दावा किया गया कि 15 जून से टाइम ऑफिस बंद करने और टाइमकीपरों को जनरल ऑफिस में तैनात करने का मौखिक निर्देश दिया गया है। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि टाइम ऑफिस बंद किए गए तो श्रमिक वहीं एकत्र होकर रजिस्टर के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे, लेकिन बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग नहीं करेंगे। श्रमिक नेताओं ने 39 महीने के एरियर, पर्क्स, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और अन्य लंबित मांगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मूल समस्याओं का समाधान किए बिना नई व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। संयुक्त मोर्चा ने 15 जून की सुबह प्रथम पाली से शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

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