Guwa (Sandeep Gupta) टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा बोकना ग्राम सभा का स्थल बदलकर बरायबुरु टाटीबा में आयोजित करने के निर्णय के विरोध में बोकना गाँव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस मुद्दे को लेकर गाँव में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि "बोकना क्षेत्र में माइंस है, तो ग्राम सभा भी बोकना में ही होनी चाहिए। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि मेसर्स उषा मार्टिन के समय से ही संबंधित ग्राम सभा का आयोजन बोकना गाँव में होता रहा है। ऐसे में वर्षों पुरानी परंपरा और व्यवस्था को बदलना स्थानीय लोगों के अधिकारों और भावनाओं के साथ अन्याय है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्र और प्रभावित भूमि बोकना की है, इसलिए ग्राम सभा का आयोजन भी यहीं होना चाहिए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा स्थल बदलने का निर्णय प्रभावित लोगों की भागीदारी को कम करने और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि टाटा स्टील प्रबंधन अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करता है और जबरन बरायबुरु टाटीबा में ग्राम सभा आयोजित करता है, तो बोकना गाँव का कोई भी ग्रामीण उसमें शामिल नहीं होगा तथा सामूहिक रूप से उसका बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और हस्ताक्षर व अंगूठे का निशान लगाकर प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही प्रशासन और प्रबंधन से तत्काल निर्णय बदलने की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि मांग नहीं मानी गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से सोनामूनी चाम्पिया, साकुरी चाम्पिया, नागी चाम्पिया, नारी चाम्पिया, सुखलाल पुर्ती, काडे चाम्पिया, गुड्डू बाडुडी, प्रेम चाम्पिया, जयसिंह चाम्पिया, चुडी चाम्पिया, कृष्णा पुर्ती, चौधरी चाम्पिया, मंगल पुर्ती, चुन्नीलाल चाम्पिया, पातोर चाम्पिया, सचिन कालुंडिया, दशरुम रोया, सुरेंद्र, पाकु रोया और साऊ पुर्ती सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

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