Guwa (Sandeep Gupta) सारंडा और नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर जारी नहीं होने से दर्जनों परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत स्तर की सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर कई लोगों ने 5 से 10 माह पूर्व प्रखंड कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा किए थे, लेकिन अब तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सके हैं। कई आवेदकों का आरोप है कि कार्यालय में उनके आवेदन का रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में कई बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश मुखिया द्वारा सत्यापित शपथ पत्र के आधार पर कराया गया था। अभिभावकों ने जल्द प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी दस्तावेज नहीं मिलने से विद्यालयों द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे बच्चों के नामांकन पर संकट मंडरा रहा है।
किरीबुरू निवासी शक्ति कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी माता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लगभग एक वर्ष पहले नोवामुंडी प्रखंड कार्यालय में आवेदन किया था, लेकिन आज तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। इसके कारण बीमा क्लेम, बैंकिंग, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान में चल रहे एसआईआर अभियान सहित कई सरकारी योजनाओं एवं कानूनी प्रक्रियाओं में भी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से देरी का कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। जानकारों के अनुसार विलंब के पीछे आवेदन प्रक्रिया में देरी, दस्तावेजों की कमी, तकनीकी समस्याएं, लंबित फाइलें, कर्मचारियों की कमी या रिकॉर्ड प्रबंधन में खामियां संभावित कारण हो सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, स्थानीय सांसद और विधायक से लंबित आवेदनों की विशेष समीक्षा कर शीघ्र प्रमाण पत्र जारी कराने तथा रिकॉर्ड गायब होने एवं अनावश्यक देरी के मामलों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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