बोले सरयू
- जूनियर के नीचे काम कर रहा है सीनियर
- जो नाले बने ही 10 साल पहले, उनकी सफाई 20 साल से कैसे रुकी हो सकती है?
- नगर निगम के कार्यों को दो भागों में बांटा जाना चाहिए-जनसुविधा और विकास
- मेयर का ध्यान निगम के पैसों पर रहेगा तो योजनाओं का काम सही तरीके से कैसे होगा
- नगर निगम चलाने वाले चाहते हैं कि अफसर-ठेकेदार सब उनके हाथों में रहें
- नालों की सफाई महज 10 फीसद हुई, पैसे पूरे ले लिये गए
Upgrade Jharkhand News. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि मानगो नगर निगम नियम कानून के हिसाब से नहीं चल रहा है, इसलिए 27 जुलाई को धरना का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानगो नगर निगम में मनमानी से काम नहीं होने दिया जाएगा। 27 जुलाई का धरना का कार्यक्रम एक चेतावनी है कि मानगो नगर निगम को चलाने वाले मनमानी से बाज आएं। अपने बिष्टुपुर स्थित निवास पर धरना के आयोजन से संबधित बैठक में उन्होंने कहा कि मानगो नगर निगम में पूर्व मंत्री ने एक सीनियर अफसर को अपर नगर आयुक्त के पद पर आरुढ़ करा दिया है जो पहले से काम कर रहे अपर नगर आयुक्त के वरिष्ठ हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चल जाता है कि उनकी नीयत कैसी है। सीनियर भला जूनियर के नीचे कैसे काम कर सकता है? वह तो प्रोटेस्ट करता कि सीनियर होते हुए वह जूनियर के नीचे कैसे काम करेगा? इससे यह भी पता चलता है कि ये लोग नगर निगम को कैसे चलाना चाहते हैं।
सरयू राय ने कहा कि 10 साल पहले डिमना रोड चौड़ीकरण के उपरांत उनके कहने पर टाटा स्टील ने सड़क के दोनों तरफ नाले बनाए थे। अब मेयर ने उन नालों की सफाई करवाई और दावा किया जा रहा है कि इन नालों की सफाई बीते 20 सालों से हुई ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि जो नाले महज 10 साल पहले बने ही हैं, उनकी सफाई 20 साल पहले होती कैसे? सोशल मीडिया में लोग लिख रहे हैं और हंसी उड़ा रहे हैं। श्री राय ने कहा कि नगर निगम के कार्यों को दो भागों में बांटना चाहिए। पहला-जनसुविधा और दूसरा विकास। इस संबंध में उन्होंने नगर विकास मंत्री से भी बात की है। श्री राय ने यह भी कहा कि जनसुविधा के जो कार्य हैं, उन पर हम लोगों की पैनी नजर रहेगी ताकि कोई गोलमाल न हो। इसके साथ ही विकास से संबंधित जो कार्य हैं, उन पर भी हमारी नजर रहेगी। हम लोग विकास के कार्यों में मदद करेंगे ताकि लोगों को फायदा पहुंचे।
सरयू राय ने कहा कि इन लोगों का ध्यान सिर्फ ठेकेदारों पर है। इनको लगता है कि स्कीम पास होगा, पैसे आएंगे तो ये अपने पसंद के ठेकेदार बहाल करवा देंगे। हमारा कहना है कि आप टेंडर देने से किसी को रोक नहीं सकते क्योंकि टेंडर ऑनलाइन होते हैं। टेंडर को नियमानुसार ही फाइनल किया जाएगा। ये चाहते हैं कि ठेकेदार इनके रहें, सभी अफसर भी उनके ही हाथ में रहें लेकिन ये भूल रहे हैं कि कोई भी गलत काम होगा तो विधानसभा में इनके खिलाफ प्रीविलेज का मोशन लाया जाएगा। ये जिस रफ्तार से चल रहे हैं, उसमें इन्हें लगता है कि उन्हें कोई रोक नहीं सकता। इन्हें हम लोग रोकेंगे। इसीलिए 27 जुलाई को धरना का आयोजन किया जा रहा है। धरना भी इनके ही ऑफिस के सामने दे रहे हैं। ये एक चेतावनी है कि गलत करोगे तो बचेंगे नहीं। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक ने कहा कि अगर मेयर का ध्यान नगर निगम के पैसों पर लग जाएगा, तब तो योजनाओं का काम सही तरीके से होगा ही नहीं। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई मात्र 10 प्रतिशत हुई। 90 प्रतिशत तो सफाई हुई ही नहीं। लेकिन पैसे पूरे ले लिये गए, यह कह कर कि जनता का काम है।
धरना कार्यक्रम -27 जुलाई को मानगो नगर निगम के सामने, गांधी मैदान में सुबह 10 बजे से धरना का आयोजन किया जा रहा है। बरसात को देखते हुए धरनास्थल पर वाटरप्रूफ पंडाल लगाया जा रहा है। उम्मीद है कि इस धरना में हजारों लोग शामिल होंगे। इसके लिए जन सुविधा समिति और जनता दल (यूनाइटेड) के लोग लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं।
मुद्दे -यह धरना मानगो नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से लंबित विकास योजनाओं, बदहाल जल निकासी व्यवस्था पेयजल संकट, सड़कों और नालियों की खराब स्थिति तथा विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
क्रियान्वयन लंबित -जदयू का दावा है कि 29 दिसंबर 2025 को शिलान्यास की गई 12 करोड़ 13 लाख रुपये की 38 योजनाओं का क्रियान्वयन अब तक लंबित है। शिलान्यास के महीनों बाद भी इन योजनाओं को धरातल पर क्यों नहीं उतारा जा सका, यह अहम सवाल है।
बाढ़ से सुरक्षा का मुद्दा -पार्टी ने उलीडीह, टैंक रोड, देशबंधु लाइन, रामकृष्ण कॉलोनी और कुक्कुट डुंगरी सहित विभिन्न इलाकों में बाढ़ से सुरक्षा के लिए स्वीकृत योजनाओं का मुद्दा भी उठाया है। संगठन के मुताबिक इन क्षेत्रों में करीब 4.4 लाख रुपये की दो बाढ़ सुरक्षा योजनाएं स्वीकृत होने के बावजूद उनका क्रियान्वयन लंबित है।
नाली-सड़क निर्माण की योजनाओं पर भी सवाल -पार्टी ने पायल सिनेमा से पारडीह चौक तथा मानगो चौक से पारडीह चौक तक विभिन्न कनेक्टिंग रोड सहित नाली और स्लैब निर्माण की योजनाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि इन कार्यों के लिए 6 करोड़ 73 लाख रुपये की दो योजनाओं को स्वीकृति मिली थी, लेकिन शिलान्यास के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
बैठक में सुबोध श्रीवास्तव, नीरज सिंह, अजय कुमार, पप्पू सिंह, अमृता मिश्रा, कुलविंदर सिंह पन्नू, संजय ठाकुर, तारक मुखर्जी, चुन्नू भूमिज, मुश्ताक अहमद, विनोद सिंह, दिनेश सिंह, मनोज सिंह, मृत्युंजय शर्मा, उषा यादव, संजीव सिंह, अशोक सिंह, लालू गौड़, प्रवीण सिंह, विकास साहनी, पिंटू सिंह, टुनटुन सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, दीपक गौड़, अर्जुन यादव, विनय सिंह, आकाश शाह, प्रेम सक्सेना, ममता सिंह, शिरीन अख्तर, वीरू सिंह, भवानी सिंह, सुशीला सिंह, पुतुल सिंह, दुर्गा राव, बबलू कुमार, संजय सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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