- विद्यार्थियों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना- जीएम
Upgrade jharkhand News.आज के प्रतिस्पर्धात्मक औद्योगिक वातावरण में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। एक सफल इंजीनियर के लिए तकनीकी दक्षता हार्ड स्कील और मानवीय कौशल साफ्ट स्कील का संतुलित विकास आवश्यक है उक्त बातें इंडो डेनिश टूल रूम जमशेदपुर में इंजीनियरिंग विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित हार्ड एवं सॉफ्ट स्किल्स पर विषय पर चित्कारा विश्वविद्यालय पंजाब से आए अनुभवी कॉर्पोरेट एवं स्किल डेवलपमेंट ट्रेनर किरण कुरवाडे ने कही। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ए आई के तेजी से बदलते दौर में तकनीकी दक्षता के साथ.साथ संचार, नेतृत्व, टीमवर्क, समस्या.समाधान, रचनात्मक सोच एवं आत्मविश्वास जैसे सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को ए आई को चुनौती के बजाय अपनी क्षमता बढ़ाने वाले एक प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाने की सलाह दी। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों, व्यावहारिक उदाहरणों एवं अनुभवात्मक अभ्यासों के माध्यम से कई जानकारियां दीं। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसे करियर, उद्योग की अपेक्षाओं तथा ए आई के युग में आवश्यक कौशल को बेहतर ढंग से समझने में सहायक बताया।
इस अवसर पर उपस्थित आईडीटीआर के जीएम रवीन्द्र कुमार ने इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना बताया। कार्यक्रम में आईडीटीआर जमशेदपुर के अधिकारियों, प्रशिक्षक एवं काफी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।


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