Guwa (Sandeep Gupta) गुवा सेल प्रबंधन द्वारा सेल कर्मियों और सप्लाई मजदूरों को बारिश से बचाव के लिए उपलब्ध कराए गए रेनकोट की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।श्रमिकों का आरोप है कि रेनकोट पहनते ही कई जगहों से फटने लगे हैं। कहीं सिलाई उधड़ रही है तो कहीं कपड़ा फट गया है। इसे लेकर श्रमिकों में नाराजगी है।श्रमिकों का कहना है कि खदान और प्लांट क्षेत्र में बारिश के दौरान ड्यूटी करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में रेनकोट उनके लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण है। लेकिन यदि रेनकोट ही इस्तेमाल के दौरान फट जाए तो बारिश से बचाव कैसे होगा। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने मामले को गंभीर बताते हुए रेनकोट की खरीद में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सेल को महारत्न कंपनी बनाने में श्रमिकों के खून-पसीने और वर्षों की मेहनत का बड़ा योगदान है। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए घटिया उपकरण उपलब्ध कराना गंभीर मामला है। रामा पाण्डे के अनुसार करीब 1200 श्रमिकों को रेनकोट दिए गए हैं। संघ ने सभी रेनकोट वापस लेकर निष्पक्ष गुणवत्ता जांच कराने तथा खरीद प्रक्रिया, टेंडर, सप्लायर और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में खामी मिलने पर नए रेनकोट दिए जाएं। जांच नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मामला सेल चेयरमैन व केंद्रीय इस्पात मंत्री तक पहुंचाया जाएगा।आरोपों को अधिक संतुलित बनाएं,श्रमिकों के आरोपों में स्पष्टता बढ़ाएं,सेल प्रबंधन का पक्ष जोड़ने की जगह बनाएं।


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