Jamshedpur (Nagendra) केरला पब्लिक स्कूल कदमा द्वारा 9 सितंबर को अपने संस्थापक स्वर्गीय ए.पी. आर. नायर की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में यह वार्षिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। जमशेदपुर के प्रतिष्ठित शिक्षाशास्त्री स्वर्गीय नायर ने अत्यंत सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर अपनी लगन एवं परिश्रम के बल पर यह स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा जमशेदपुर के साक्षरता पुरुष' नाम से विख्यात हुए। रक्तदान शिविर से पहले प्रातः काल विद्यालय परिसर में एक स्मारक पट्टिका का अनावरण भी किया गया, जो उनके प्रति आदर एवं स्मरण का प्रतीक था। यह अनावरण श्रीमती मनोरमा नायर (अध्यक्षा), शरत् चंद्रन (निदेशक), श्रीमती शर्मिला मुखर्जी (प्रधानाचार्या), श्रीमती अलमेलु रविशंकर (मुख्याध्यापिका) तथा सुनील मुखर्जी (वी.बी.डी.ए. के संस्थापक) एवं अन्य सदस्यों द्वारा किया गया। तत्श्चात् रक्तदान शिविर का शुभारंभ हुआ, जिसका आरंभ दीप प्रज्वलन तथा विद्यालय की गायन मंडली द्वारा एकला चलो गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुआ।
अपने उद्बोधन में अध्यक्षा श्रीमती मनोरमा नायर ने स्वर्गीय नायर एवं उनके दूरदर्शितापूर्ण विचारों को सादर स्मरण किया। प्रधानाचार्या ने अपने वक्तव्य में दिवंगत अध्यक्ष के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की स्थापना में अतुलनीय योगदान तथा समाज पर उनके स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनकी विरासत विद्यालय की सेवापरायणता को सदैव प्रेरित करती रहती है। निदेशक शरत् चंद्रन ने अपने भाषण में दिवंगत अध्यक्ष के 'कर्मठ व्यक्ति होने तथा छोटे-छोटे कार्यों को भी बड़े उत्साह से करने के दर्शन को स्मरण किया। उन्होंने थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता लाने के महत्व पर बल दिया तथा सभी से विवाह पूर्व अनिवार्य रूप से अपनी जाँच कराने का आग्रह किया, ताकि इस रोग के प्रसार को रोका जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिविर केवल रक्तदान मात्र नहीं हैं, वरन् एक उत्तरदायी एवं सजग समाज के निर्माण का माध्यम हैं। वी.बी.डी.ए. के संस्थापक सुनील मुखर्जी ने भी स्वर्गीय ए. पी. आर. नायर को श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों ने थैलेसीमिया जागरूकता पर उपस्थित जनसमूह को जानकारी प्रदान कर कार्यक्रम को शैक्षिक आयाम प्रदान किया। इस मौके पर अभिभावक, शिक्षक, सहायक कर्मचारी, विक्रेता, ऑटो-चालक, वैन-चालक, हिंदी प्रोजेक्ट स्कूल के कर्मी, पूर्व छात्र, मित्रगण तथा शुभचिंतक - सभी वर्गों से बड़ी संख्या में लोगों ने इस शिविर में सहभागिता की, जिससे यह अत्यंत सफल रहा। रक्तदान शिविर में सफलतापूर्वक कुल 141 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया -जो समुदाय की उदार एवं नेक भावना का सजीव प्रमाण है।
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