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Jamshedpur गरीबों का सहारा बनी रोटी बैंक आज खुद सहारे की तलाश में है : मनोज मिश्रा Roti Bank, which became a support for the poor, is itself in search of support today: Manoj Mishra

 


Jamshedpur (Nagendra) जिन हाथों ने पिछले 12 वर्षों से हजारों गरीबों और जरूरतमंदों के लिए रोज भोजन जुटाया, आज वही हाथ मदद की गुहार लगाने को मजबूर हैं। उक्त बातें रोटी बैंक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज मिश्रा ने आज एमजीएम अस्पताल मे भोजन वितरण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि रोटी बैंक काफ़ी लंबे समय से एमजीएम अस्पताल मे आने वाले गरीब मरीजों के परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहा है, लेकिन संस्था के पास आज भी भोजन वितरण के लिए अपनी कोई स्थायी जगह नहीं है। डिमना स्थित अस्पताल में भोजन वितरण के दौरान रोटी बैंक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज मिश्रा इस स्थिति पर भावुक हो उठे। कड़ी धूप में भोजन के लिए कतार में खड़े मरीजों के परिजनों को देखते हुए उन्होंने कहा, “गरीबों का सहारा बनी रोटी बैंक आज खुद सहारे की तलाश में है।”


मिश्रा ने बताया कि रोटी बैंक पिछले 12 वर्षों से प्रतिदिन करीब हजारो गरीब मरीजों के परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रहा है। दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए एमजीएम पहुंचने वाले परिवारों के लिए यह सेवा किसी राहत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल परिसर अथवा उसके आसपास भोजन वितरण के लिए अस्पताल प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। नतीजतन संस्था के सदस्य अस्पताल गेट के बाहर फुटपाथ पर भोजन वितरण करने को मजबूर हैं।


तेज धूप हो या मूसलाधार बारिश, आंधी हो या खराब मौसम—रोटी बैंक की सेवा कभी नहीं रुकी। लेकिन खुले आसमान के नीचे भोजन वितरण करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे अधिक असर उन गरीब परिवारों पर पड़ता है, जो इलाज के लिए पहले से ही परेशान और आर्थिक संकट में होते हैं। मनोज मिश्रा ने कहा कि 12 साल की सेवा के बाद अब एक सवाल है, जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से है कि रोटी बैंक को एमजीएम अस्पताल के आसपास उपयुक्त भूखंड या स्थायी भोजन वितरण केंद्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि जरूरतमंदों को सम्मानजनक, सुरक्षित और मौसम से बचाव वाली जगह पर भोजन मिल सके। जिस संस्था ने 12 वर्षों से गरीबों की थाली खाली नहीं होने दी, क्या अब उसके लिए प्रशासन एक छोटी-सी जमीन और एक छत का इंतजाम करेगा ?



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