हाता। 28 फरवरी को सुबह 8.30 बजे रामकृष्ण जयंती सह वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन शुभारंभ हुआ। हरिनाम संकीर्तन का शुभारंभ जुड़ी पंचायत के मुखिया सुखलाल सरदार ने धूप द्वीप प्रज्वलित करके किया। उन्होंने इस अबसर पर कहा,,हरिनाम करने से शरीर और मन दोनों पवित्र होता हैं। पूर्व विधायक मेनका सरदार ने कहा,,हरिनाम से शांति मिलती है। इसलिए सभी को हरिनाम करना चाहिए।इस अवसर पर हल्दीपोखर के मुखिया देवी भूमिज, सुधांशु मिश्र, मधुसूदन भट्टाचार्य, बीरेंद्र सिंह, सुनील कुमार, शंकर चंद्र गोप, कृष्ण गोप, विश्वामित्र खंडायत, राजकुमार साहू, कृष्ण कांत मंडल, कमल कांति घोष, सहदेव मंडल, तड़ित मंडल, मोहितोष मंडल,भास्कर दे, तरुण दे, महेश बियानी, वेवी मंडल, बुलु मंडल, कांता देवी, तपन मंडल, निवारण मोदी, सावित्री गोप, लोचना मंडल, शिला पालित, स्वपन मंडल, नीलकमल पाल, हरगौरी महतो, कविता महतो आदि उपस्थित थे। हरिनाम संकीर्तन में बुरुडीह,भुमरी, जुरीपाहारी, पोड़ा भालकी, पुरलुपुंग, डारु, हेंसलबिल और छोटो आमदा कीर्तन सम्प्रदाय भाग ले रहे हैं।
हरिनाम करने से शरीर और मन दोनों पवित्र होता है: सुखलाल सरदार, Chanting Harinam purifies both body and mind: Sukhlal Sardar organizes Kirtan
हाता। 28 फरवरी को सुबह 8.30 बजे रामकृष्ण जयंती सह वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन शुभारंभ हुआ। हरिनाम संकीर्तन का शुभारंभ जुड़ी पंचायत के मुखिया सुखलाल सरदार ने धूप द्वीप प्रज्वलित करके किया। उन्होंने इस अबसर पर कहा,,हरिनाम करने से शरीर और मन दोनों पवित्र होता हैं। पूर्व विधायक मेनका सरदार ने कहा,,हरिनाम से शांति मिलती है। इसलिए सभी को हरिनाम करना चाहिए।इस अवसर पर हल्दीपोखर के मुखिया देवी भूमिज, सुधांशु मिश्र, मधुसूदन भट्टाचार्य, बीरेंद्र सिंह, सुनील कुमार, शंकर चंद्र गोप, कृष्ण गोप, विश्वामित्र खंडायत, राजकुमार साहू, कृष्ण कांत मंडल, कमल कांति घोष, सहदेव मंडल, तड़ित मंडल, मोहितोष मंडल,भास्कर दे, तरुण दे, महेश बियानी, वेवी मंडल, बुलु मंडल, कांता देवी, तपन मंडल, निवारण मोदी, सावित्री गोप, लोचना मंडल, शिला पालित, स्वपन मंडल, नीलकमल पाल, हरगौरी महतो, कविता महतो आदि उपस्थित थे। हरिनाम संकीर्तन में बुरुडीह,भुमरी, जुरीपाहारी, पोड़ा भालकी, पुरलुपुंग, डारु, हेंसलबिल और छोटो आमदा कीर्तन सम्प्रदाय भाग ले रहे हैं।
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