गुवा । रथ यात्रा के दौरान नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में लीला सम्पन कर भगवान जगन्नाथ ,बलभद्र एंव देवी सुभद्रा बाहुड़ा बिजे कर श्री मंदिर लौटे। जहां पति बीरोह में अपेक्षारत माता लक्ष्मी से भगवान जगन्नाथ के पारंपरिक मिलन महोत्सव मनाया गया। गुवा सेल माइंस सीजीएम विपिन कुमार गिरी एंव स्मिता गिरी के द्वारा भगवान के मिलन महोत्सव को रीति रिवाज से मनाया गया।
पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी को सूचना दिए बिना ही बड़े भाई बलभद्र एंव बहन सुभद्रा संग रथ यात्रा कर मौसीबाड़ी चले जाते हैं। जिससे माता लक्ष्मी प्रभु से साक्षात करने के लिए रथयात्रा के पांचवे दिन रथनुमा पालकी में सवार होकर मौसी बाड़ी पहुंचती हैं। जहां भगवान जगन्नाथ से साक्षात नहीं हो पाने की वजह से माता लक्ष्मी रुष्ट होकर रथ के पहिया को तोड़ कर वापस श्री मंदिर लौट आती हैं।
जहां पति वियोग में माता लक्ष्मी मंदिर द्वार पर प्रभु जगन्नाथ के लौटने का इंतजार करने की रस्म निभाई गई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहकर लक्ष्मी नारायण मिलन का आनंद उठाते नजर आए। वहीं मंदिर समिति द्वारा भोग वितरण किया गया। गुरुवार को स्वर्ण वेष, शुक्रवार को अधर पोना एंव शनिवार को नीलाद्री विजे कार्यक्रम किए जाने की जानकारी पुजारी जितेंद्र पंडा द्वारा दिया गया।


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