गुवा । किरीबुरू-बडा़जामदा मुख्य मार्ग पर स्थित ओम शांति स्थल मंदिर में सोमवार की रात लगभग 9.30 बजे हाथियों का एक समूह पहुंच गया। बड़ाजामदा से किरीबुरू आने के क्रम में मेघाहातुबुरु निवासी गुरु एवं उनके साथियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इस संबंध में गुरु ने बताया कि वह जैसे ही अपने वाहन से उक्त मंदिर के पास पहुंचे, तो देखा की पांच हाथी, जिसमें एक बच्चा भी था वह सभी मंदिर परिसर में (भोग निर्माण स्थल में पहुंचकर) प्रसाद आदि खा रहे हैं। वह सभी हाथी को सामने देख डर गये।
वे लोग बिना देर किए वाहन को तेज गति से भगाकर अपनी जान बचाई। हाथी भी शांत दिखा एवं उनकी वाहन तरफ नहीं दौड़ा जिससे वह सभी बाल-बाल बच गये। बता दें कि मंदिर क्षेत्र मुख्य सड़क किनारे स्थित है। यहां निरंतर हाथियों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे वहां से गुजरने वाले लोग व ग्रामीण काफी परेशान हैं। इसे लेकर लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हैं।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने जहां महीनों से शरण ले रखी है वह स्थान झारखण्ड-ओडिशा सीमा पर है। ओडिशा के कुछ हाथी दांत तस्कर दतैल हाथी का शिकार कर उसकी दांत की तस्करी करने की तैयारी में भी लगे हैं। अगर किसी हाथी की हत्या हुई तो उसके लिए वन विभाग को ही दोषी माना जाएगा। हाथियों को नुकसान होने पर किरीबुरू-मेघाहातुबुरु एवं बराईबुरु-टाटीबा के ग्रामीण इसका विरोध करने की तैयारी में हैं।

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