जमशेदपुर। डीबीएमएस कॉलेज में बी.एड सत्र 23 -25 के विद्यार्थियों का दो दिवसीय परिचय सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के अध्यक्ष बी चंद्रशेखर ने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा की शिक्षक राष्ट्र निर्माता है और उनमें सीखने की इच्छा जीवन पर्यन्त होनी चाहिए। शिक्षक को सतत ज्ञानवर्धन की इच्छा होनी चाहिए। कॉलेज की सचिव श्रीमती श्रीप्रिया धर्मराजन ने कहा कि डीबीएमएस उत्तम शिक्षा के लिए जाना जाता है ।आप पढ़ने और सीखने का प्रयास करें ताकि आपके ज्ञान की उपयोगिता समाज को मिले।
कॉलेज के गवर्निंग बॉडी के सचिव सतीश सिंह ने छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की, साथ ही उन्होंने कहा कि आप विद्यार्थी नहीं, बल्कि भावी शिक्षक है। प्राचार्या डॉ जूही समर्पिता ने कॉलेज के उद्देश्य, मिशन और विजन के बारे में छात्रों को बताया। उप प्राचार्या डॉ मोनिका उप्पल ने छात्रों को कॉलेज के नियम कायदे कानून के विषय में विस्तृत जानकारी दी। सहायक प्राध्यापिका श्रीमती पामेला घोष दत्ता ने कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन किया। साथ ही प्रबंधन समिति के सदस्य, शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का परिचय पीपीटी के माध्यम से कराया।
कॉलेज की सभी शिक्षिकाओं ने अपने-अपने विषयों के बारे में संक्षिप्त जानकारी छात्रों को दी। इस कार्यक्रम में कॉलेज की सहसचिव उषा रामनाथन, तमिल बालाकृष्णन, गीता नटराजन एवं शिक्षिकाएं डॉ सुरीना भुल्लर , श्रीमती अर्चना कुमारी ,श्रीमती पूनम कुमारी, सुश्री मौसमी दत्ता, श्रीमती कंचन तिवारी, श्रीमती गायत्री कुमारी और अमृता चौधरी उपस्थित थी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती निक्की सिंह, श्रीमती अंजलि गणेशन, सुदीप प्रमाणिक, ललित किशोर, वीरेंद्र पाण्डेय, अभिजीत दे, एंजेल मुंडा व जुलियन अन्थोनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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