चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव के ईचाकुटी गांव में आदिवासी हो समाज युवा महासभा की टीम ने ग्रामीण मुण्डा चंद्रकांत पिंगुवा की अध्यक्षता में नुक्कड़ सभा के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक तथा धार्मिक बिन्दुओं पर सामाजिक जागरूकता अभियान चलायी गया। इस मौके पर विभिन्न उदाहरणों को प्रस्तुत कर समाज में व्याफ्त आंतरिक कुरीतियों तथा असामाजिक गतिविधियों को गाँव से मिटाने के लिए सामाजिक संगठन की ओर से प्रयास किया गया।
आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने लोगों को आदिवासी हो समाज महासभा का उद्देश्य, नियमावली एवं विधि-उपविधि के बारे में जानकारी दिया। सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जागरूकता पर समाज में पिछड़ापन के कई कारणों को सुझाया। उन्होंने सामाजिक विकास के लिए लोगों से जुड़ने के लिए अपील किया। समाज में बाहरी संस्कृति को हावी न होने देने के लिए सावधान किया और अपनी भाषा-संस्कृति प्रति नयी पीढ़ी को जगाने के लिए प्रोत्साहित किया। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के प्रदेश सांस्कृतिक सचिव जगन्नाथ हेस्सा ने गीत-संगीत के माध्यम से अपना भाषा-संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज तथा परंपरा को लेकर लोगों में प्रेम जगाया। इससे प्रभावित होकर लोगों ने महासभा से जुड़ने के लिए सहमति जतायी।
लोगों को 25 और 26 नवंबर को होने जा रहे आदिवासी हो समाज महासभा के दो दिवसीय महाधिवेशन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया। अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 1,2 और 3 दिसम्बर को नोवामुंडी में निर्धारित षिरजोन "हो" जनजातीय खेल महोत्सव में भाग लेने के लिए भी अनुरोध किया गया।
इस अवसर पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा जिला कोषाध्यक्ष सत्यव्रत बिरूवा, प्रखंड अध्यक्ष अनिल चातर, सचिव दिनेश हेम्ब्रम, आमंत्रित सदस्य रविन्द्र पिंगुवा, ओएबन हेम्ब्रम, पातर पुरती, गुरू तोपनो, रोहित पिंगुवा, दिव्याराज पिंगुवा, दियुरी बनमाली पिंगुवा, कमलेश बिरूवा, विमलेश बारी, आनंद पिंगुवा, लोम्बा सुंडी, सिद्धेश्वर पिंगुवा, मिलन्द किशोर पिंगुवा, सिंधुधर हेम्ब्रम,सरस्वती सुंडी, फुलमंजू पिंगुवा आदि लोग मौजूद थे।

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