चक्रधरपुर। मां मनसा मंदिर गाड़ीखाना में हर साल मां मनसा की पूजा की साल के अगस्त, सितम्बर और अक्टूबर माह के 17 तारीख को धूमधाम से की जाती है। अक्टूबर माह के मां मनसा के पूजा को डाक सक्रांत के नाम से जाना जाता है। यह डाक सक्रांत गाड़ीखाना में 40 सालों से किया जा रहा है। इस साल गाड़ीखाना में श्री श्री डाक सक्रांत मां मनसा के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है ।
जिसका उद्घाटन शहर के समाजसेवी व अमला टोला काली पूजा के अध्यक्ष सुनील प्रसाद ने फीता काटकर किया और माँ मनसा की पूजा अर्चना की। सुनील प्रसाद ने कहा कि माँ मनसा की पूजा यहां काफी वर्षों से की जा रही है. यहां पर मां की पूजा में काफी भव्यता रहती है साथ में लोग यहां भक्ति में लीं हो कर माँ की पूजा अर्चना करते हैं उन्हें आज यहां आने का अवसर मिला ये माँ मनसा का आशीर्वाद है।
मंदिर के पुजारी मुरारी कारवा ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण में कई लोगों का योगदान रहा है। जिससे यह मंदिर बन पाया है। लोगों के श्रद्धा और मंदिर पे विश्वास के साथ मंदिर के प्रति जुड़ाव के कारण मंदिर निर्माण संभव हो पाया है। कलश स्थापना के बाद से यहाँ रात भर पूजा चलती है। जिसमे माँ मनसा के 16 रूपों की पूजा की जाती है जिसे 16 पूजा कहा जाता है। उसके उपरांत सुबह में बाली की परंपरा है. बली परंपरा के बाद घट विसर्जन किया जाता है। इस पूजा में दूर दूर से लोग पूजा करने व माँ मनसा को मुर्गा, बत्तख, बकरा की बलि चढ़ाने गाड़ी खाना मां मनसा मंदिर पहुंचते हैं।


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