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जान जोखिम में डाल जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बुंडू गांव के बच्चे, Children of Bundu village are forced to risk their lives and study in a dilapidated school.


गुवा
। नक्सल प्रभावित कोल्हान जंगल क्षेत्र अन्तर्गत टोंटो प्रखंड का बुंडू गांव स्थित मध्य विद्यालय काफी जर्जर स्थिति में है। दशकों पुरानी दो कमरे वाले इस स्कूल भवन का छत खपड़ा से छाया हुआ है। हल्की बारिश से स्कूल के अंदर पानी चूने लगता है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। स्कूल के छत में लगा लकड़ी का बींब (धरन) भी काफी जर्जर हो चुका है। वह कभी भी टूटकर खपड़ा का पूरा छत के साथ कभी भी गिरकर बच्चों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। 


इस विद्यालय में 73 नामांकित बच्चे हैं। कक्षा 1 से लेकर 8 तक के छात्रों को पढ़ाने के लिये एक स्थायी शिक्षक सुनील मुर्मू एवं एक पारा शिक्षक पादरी लागुरी नियुक्त हैं। बच्चों का मध्याह्न भोजन बनाने के लिये दो खानसामा हैं। गांव के सहायक मुंडा राजेश पूर्ति व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सरकार जल्द कम से कम पांच कमरों का नया स्कूल भवन बनाये, अन्यथा यह स्कूल भवन कभी भी गिर सकता है। पूर्व में दो कमरे का नया स्कूल भवन बनाया जा रहा था, लेकिन वह भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर आज तक भवन का निर्माण नहीं हो सका। 


इस अधूरे भवन के पूरे पैसे की निकासी की बात कही जा रही है। अगर स्कूल भवन का खपड़ा का छत गिरा तो बच्चों को भारी नुकसान के साथ-साथ शिक्षा पूरी तरह से प्रभावित होगा। ऐसा कहा जा रहा है कि पांच कमरों वाले नये स्कूल भवन की स्वीकृति मिल गई है, लेकिन अब तक बनना प्रारम्भ नहीं हुआ है। स्कूल का चापाकल भी खराब है। उसमें लगा सोलर सिस्टम पर जब तक धूप पड़ता है, तो पानी आता है, लेकिन पेड़ों की छाया आने पर यह चलना बंद हो जाता है। सरकार गांव की शिक्षा व्यवस्था को सुधारें।

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