जिला प्रशासन को सहयोग देकर आगामी त्यौहार को शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने में जिला प्रशासन के सहभागी बनें
जमशेदपुर। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल द्वारा आगामी दुर्गा पूजा त्यौहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो तथा आमजन सहजता से श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ एवं पंडाल दर्शन कर सके, इसके लिए आम जनता एवं पूजा पंडाल के आयोजकों से जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का अनुपालन करने अपील की है। उन्होंने कहा कि पंडाल के निकट अवस्थित विद्यालयों/ चिकित्सालयों / कोचिंग संस्थानों एवं वृद्वाश्रम इत्यादि को होने वाली असुविधा का ध्यान रखें। ध्वनि विस्तारक यंत्र का आवश्यकतानुसार कम से कम संध्या में तथा कम डेविबल में उपयोग करें तथा लाउड स्पीकर कंट्रोल एक्ट का पालन करें ।
पंडाल का निर्माण करते समय निम्न बातों पर अवश्य ध्यान रखा जाए : पंडाल की ऊँचाई सुरक्षा के दृष्टिकोण से अधिक न हो। पंडाल किसी भी परिस्थिति में किसी आवासीय परिसर / चिकित्सालय / होस्टल / रेस्टोरेन्ट अथवा सरकारी कार्यालय से सटा हुआ न हो। पंडाल का निर्माण गैस गोदाम / ट्रांसफार्मर / रेलवे लाईन / हाई टेंशन बिजली तार से दूर बनाया जाए। पंडाल का निर्माण इस प्रकार से किया जाय ताकि यातायात की सुविधा बहाल रहे एवं आम जनता के साथ-साथ एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं परिवहन के किसी भी साधन के परिचालन में कठिनाई उत्पन्न न हो। पंडाल बनाने में सिंथेटिक कपड़ा जैसे ज्वलनशील सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाए। पंडाल में प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग द्वार की व्यवस्था की जाए। साथ ही महिलाओं के लिए पृथक प्रवेश एवं निकास द्वार बनाया जाए। मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर पंडाल का निर्माण कराया जाए। पंडाल में आपातकालीन द्वार निश्चित रूप से बनाया जाए। पंडाल के आस-पास सफाई की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पंडाल के निर्माण में सुरक्षित रूप से वायरिंग की व्यवस्था करायी जाए तथा विद्युत के उपयोग के लिए पूर्व से ही संबंधित क्षेत्र के विद्युत अभियंता से अनुमति प्राप्त कर ली जाए। पंडाल में अथवा पंडाल के निकट ज्वलनशील पदार्थ को एकत्रित नहीं होने दिया जाए। पंडाल के अन्दर अथवा निकट अग्निशमन यंत्र, पानी एवं बालू की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। पंडाल के आयोजक पंडाल निर्माण के पूर्व जिला अग्निशमन पदाधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लें। पंडाल के अन्दर / निकट प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पंडाल में लाउडस्पीकर द्वारा खोया-पाया एवं अन्य जानकारी की उद्घोषणा हेतु पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पंडाल में एवं पंडाल के बाहर पर्याप्त संख्या में सी.सी.टी.वी. कैमरा की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। पंडाल के अन्दर जिला प्रशासन के पदाधिकारियों के नम्बर, पुलिस पदाधिकारियों एवं नजदीकी थाना का नम्बर, एम्बुलेंस एवं जिला अग्निशमन पदाधिकारी के नम्बर के साथ आयोजक मंडली के पदाधिकारियों के नम्बर फ्लेक्स के माध्यम से अवश्य प्रदर्शित किया जाए। पंडाल के निकट श्रद्वालुओं के लिए पेयजल इत्यादि की व्यवस्था किया जाए। पंडाल के लिए लगाये जाने वाले जेनरेटर को पर्याप्त दूरी पर रखा जाए। पंडाल में पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर रखे जाएं एवं यथासंभव एकरूपता / पहचान के लिए एक तरह का परिधान उपलब्ध कराया जाए। अवैध रूप से दबाव बनाकर चंदे की वसूली न हो। किसी भी परिस्थिति में निजी वाहन चालकों पर दबाव डालकर चंदे की वसूली नहीं की जाए। किसी भी तरह के अफवाह अथवा विवादित सूचना प्राप्त होने की स्थिति में अविलंब जिला प्रशासन को सूचित किया जाए।

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