आधी रात कांपी नेपाल की धरती, 128 की मौत, कई लोग अब भी मलबे में दबे, Nepal's land trembled at midnight, 128 died, many people are still buried under the debris,

पड़ोसी देश नेपाल एक बार फिर भूकंप की चपेट में हैं। शुक्रवार रात 11 बजकर 47 मिनट पर यहां भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मापी गयी। जिसका केंद्र जाजरकोट जिले के लामिड…

आधी रात कांपी नेपाल की धरती, 128 की मौत, कई लोग अब भी मलबे में दबे, Nepal's land trembled at midnight, 128 died, many people are still buried under the debris,

 


पड़ोसी देश नेपाल एक बार फिर भूकंप की चपेट में हैं। शुक्रवार रात 11 बजकर 47 मिनट पर यहां भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मापी गयी। जिसका केंद्र जाजरकोट जिले के लामिडांडा में था। इस भूकंप के तेज झटकों के कारण अब तक 128 लोगों की मौत की खबर है। 

वहीं कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। अभी मौत के आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि भूकंप के कारण ज्यादातर लोगों की मौत पश्चिमी नेपाल के जाजरकोट और रुकुम जिलों में हुई है। भूकंप के बाद जाजरकोट में चार से अधिक तीव्रता वाले कम से कम चार झटके और आये। जिसकी वजह से यहां इतनी तबाही मची है। प्रधानमंत्री के निजी सचिवालय के मुताबिक, जाजरकोट भूकंप में 92 लोगों की मौत हो गयी है और 55 लोग घायल हुए हैं।

वहीं, रुकुम वेस्ट में 36 लोगों की मौत हो गयी है और 85 लोग घायल हो हुए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने भूकंप से हुई लोगों की मौत पर दुख जताया है। वे शनिवार सुबह खुद एक चिकित्सकीय दल के साथ घटना स्थल पर पहुंच गये हैं। उन्होंने बचाव और राहत के लिए तीन सुरक्षा एजेंसियों (नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को तैनात किया गया है।


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