गुवा। सेल की गुवा खदान के डंफर सेक्शन के पीछे सारंडा जंगल में 2 नवम्बर की अहले सुबह लगभग 3 बजे 20-25 संदिग्ध लोगों की गतिविधियां देखे जाने से लोगों व सेलकर्मियों में खलबली मची हुई है। संदिग्ध लोग सादे ड्रेस में थे। उनके पास हथियार वगैरह था या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि सारंडा से कोल्हान जंगल में सुरक्षित जाने के लिये भाकपा माओवादी नक्सली सेल की गुवा, टाटा स्टील की टीएसएलपीएल खादान के पीछे जंगल व पहाड़ी रास्ते का हमेशा आना-जाना करते हैं।
अर्थात यह रास्ता नक्सलियों का मुख्य व सुरक्षित कोरिडोर है। सूत्रों के अनुसार भाकपा माओवादी नक्सलियों का बडा़ नेता अपनी दस्ता के साथ कोल्हान जंगल से भागकर सारंडा जंगल रास्ते ओडिशा जाने की तैयारी में हैं। उनकी सुरक्षित मूवमैंट कराने से पूर्व नक्सलियों का एक छोटा दस्ता दो दिन पूर्व इसी रास्ते सारंडा के कुमडीह क्षेत्र के जंगलों का भ्रमण कर पुनः वापस कोल्हान जंगल लौटा था। सूत्रों का कहना है कि कोल्हान जंगल लौटे नक्सलियों को यह कहते सुना गया था कि 3-4 दिनों के अंदर बडा़ दस्ता सारंडा में आयेगा।
हालांकि संदिग्ध लोग नक्सली थे या अन्य यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ गुवा खदान से जंगल रास्ते रात के समय स्क्रैप की भी चोरी होती है। हालांकि स्क्रैप की चोरी करने इतने तादाद में चोर आयेंगे यह सोंचनीय है। इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है। समझा जा रहा है की कोल्हान जंगल में पुलिस का अभियान तेज होने के बाद नक्सली सारंडा में सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं।
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