सारंडा में घूंसे नक्संसलियों ने छोटानागरा थाना क्षेत्र की पहाड़ियों पर ली शरण, Naxalites attacked in Saranda, took shelter in the hills of Chhotanagara police station area,
गुवा । भाकपा माओवादी नक्सलियों का हथियारबंद दस्ता कोल्हान जंगल से कारो नदी पार कर सारंडा जंगल में प्रवेश किया। सूत्रों अनुसार नक्सलियों का यह दस्ता सारंडा स्थित छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने जंगल में …
गुवा। भाकपा माओवादी नक्सलियों का हथियारबंद दस्ता कोल्हान जंगल से कारो नदी पार कर सारंडा जंगल में प्रवेश किया। सूत्रों अनुसार नक्सलियों का यह दस्ता सारंडा स्थित छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने जंगल में शरण लिया हुआ है। जहाँ यह शरण लिये हुये हैं वह सेल की गुवा व टीएसएलपीएल खदान की पहाड़ी के बीच का जंगल है। यह पहाडी़ श्रृंखला (अलग-अलग पहाड़ी) को स्थानीय लोग रानी चुआं, कुमसुकु, काकारुलीगड़ा एवं दुआरगुई पहाड़ी नाला क्षेत्र भी बोलते हैं। यह नक्सलियों का प्रारम्भ से हीं मुख्य कोरिडोर रहा है।
नक्सली इस जंगल-पहाड़ के रास्ते सुरक्षित आवागमन सारंडा व कोल्हान जंगल में करते रहे हैं। गुजरने के दौरान नक्सली इसी पहाड़ी पर शरण लेकर खाना बनाते, खाते व आराम करते हैं। इस घने जंगलों व ऊंची पहाड़ी पर अचानक पुलिस का जाना आसान नहीं है। यहाँ से नक्सली सारंडा के तितलीघाट, बहदा, हतनाबुरु, कुमडीह आदि गांव क्षेत्र के जंगल होते ओडिशा की ओर जा सकते हैं अथवा सारंडा जंगल के किसी सुरक्षित क्षेत्र में शरण ले सकते हैं। कुछ दिनों से सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के अचानक गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों में भय व दहशत का माहौल है।
ग्रामीण नहीं चाहते हैं कि नक्सली उनके गांव क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढा़कर सारंडा व गांव क्षेत्र का माहौल खराब व अशांत करें। जब तक नक्सली सारंडा से हटे थे तो ग्रामीणों में भारी शांति थी। लेकिन कोल्हान जंगल में पुलिस की कडी़ घेराबंदी व नक्सलियों के खिलाफ निरंतर चलाये जा रहे आपरेशन की वजह से अब नक्सली धीरे-धीरे सारंडा की तरफ कूच कर रहे हैं। पुलिस भी नक्सलियों की गतिविधियां पर निरंतर नजर रख रही है।

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