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पलाशबनी पंचायत में राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया , करोड़ों रुपयों का परिसंपत्तियां वितरीत की गई, State level legal services cum empowerment camp was organized in Palashbani Panchayat, assets worth crores of rupees were distributed,


जमशेदपुर। झालसा के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर एवम जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम के तत्त्वावधान में 24 फरवरी 2024 को जमशेदपुर सदर प्रखंड के पलाशबनी पंचायत में आदिम जनजाति और समाज के कमजोर वर्ग के लिए संचालित सरकारी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण मेगा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यामूर्ति माननीय सुजीत नारायण प्रसाद एवम विशिष्ठ अतिथियों में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय कुमार दिवेदी , प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा, झालसा के सदस्य सचिव श्रीमति रंजना अस्थाना, उप विकास आयुक्त मनीष कुमार सिंहा, डालसा सचिव नितीश निलेश सांगा, वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी व जिला स्तरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। 


कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत आदिम जनजाति के कलाकारों द्वारा छौ नृत्य एवम झारखंड के पारंपरिक परिधान में नृत्य मंडली द्वारा की गई। साथ ही सभी अतिथियों का मंच पर पुष्प गुच्छ , पगड़ी व पारंपरिक टोपी देकर एवम शाल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर एवम प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा जी के स्वागत भाषण से हुई। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह मेगा कैम्प समाज के कमजोर व्यक्तियों व आदिम जनजाति समूह को लक्षित कर आयोजित किए गए हैं। उन्होंने आदिम जनजाति के लोगों को आह्वाहन करते हुए कहा कि आप आदिम जनजाति बनकर न रहें। 


आप भी भारत के एक सभ्य व जागरूक नागरिक बनकर विकास के मुख्य धारा से जुडें और अपने अधिकार के प्रति सजग रहकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें। उन्होंने कहा कि नालसा का उद्देश्य है कोर्ट में लंबित मामलों को लोक अदालत एवम मेडिएशन के माध्यम से अधिक से अधिक केसों का निपटारा करना तथा कोर्ट में केस आने से पहले ही उसे झमझौते द्वारा स्थानीय स्तर पर ही खत्म करना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित लोगों तक पहुंचे ताकि गरीब से गरीब लोगों को न्याय मिल सके। इस मेगा शिविर का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित करने का भी यही मकसद है कि जरूरतमंद लोग अपने अधिकार से वंचित न रहे। वहीं इस कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय कुमार दिवेदी ने इस मेगा शिविर की महत्ता पर विस्तार रूप से प्रकाश डाला और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित इस तरह के मेगा शिविर से लोग कानून के साथ साथ अपने अधिकार के प्रति भी जागरूक होंगे।


कार्यक्रम में डीडीसी मनीष कुमार सिंहा ने आदिम जनजाति एवम कमजोर वर्ग के लिए संचालित केन्द्र सरकार एवम राज्य सरकार के योजनाओं की विस्तार से जानकारी दिया। मेगा शिविर में अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 10000 से अधिक लोग शामिल हुए और शिविर का लाभ उठाए। कार्यक्रम के दौरान आदिम जनजाति के सैकड़ों लाभुकों के बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित करोड़ों रुपयों की परिसंपत्तियां का भी वितरण किया गया। इस दौरान आदिम जनजाति के 11हजार 227 लाभुकों के  बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित 159 करोड़ के परिसंपत्तियां वितरित की गई। 


इस मेगा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर भी सरकार के कल्याणकारी योजनाओं को जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने का काम किया गया। शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य, पशुपालन, कल्याण, समाज कल्याण, ऊर्जा, पेयजल एवं स्वच्छता, श्रम, सामाजिक सुरक्षा, वन विभाग, आपूर्ति विभाग समेत अन्य विभागों द्वारा लगभग 25 स्टॉल लगाए गए , जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन भी किया। 


कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद ने सभी स्टालों का भ्रमण किया और अंत में तीन जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर और गुब्बारा उड़ाकर रवाना किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में न्यायालय के स्टाप, पीएलवी सहित जिला प्रशासन की सार्थक भूमिका रही । कार्यक्रम का संचालन न्यायिक दंडाधिकारी एकता सक्सेना एवम ज्योत्सना पांडेय ने संयुक्त रूप से की वहीं धन्यवाद ज्ञापन वरीय पुलिस अधीक्षक  किशोर कौशल ने दी ।

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