Jamshedpur (Nagendra) । बिस्टुपुर स्थित राम मंदिर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से त्रिदिवसीय द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन मेला के अंतिम दिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन श्रावण मास के पावन अवसर पर किया गया, जिसमें पहला दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया और शिव प्रसाद व स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया। मेले में लगे राजयोग चित्र प्रदर्शनी ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। प्रदर्शनी में आत्मा और परमात्मा के बीच के गूढ़ संबंध को सरल शब्दों में समझाया गया।
प्रदर्शनी का संदेश था – “आप स्वयं एक चैतन्य शक्ति हैं, जिसका निवास स्थान भृकुटि के मध्य है। परमात्मा शिव, आत्माओं के परमपिता हैं और संगम काल में उनका मिलन आत्माओं से होता है।”शिवजी की आरती और द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन से तीनों दिन पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं को अलग-अलग रूपों में शिव के दर्शन कराए गए। आरती के समय मंदिर परिसर मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंजायमान रहा। यह आध्यात्मिक मेला 27 जुलाई से 29 जुलाई तक आयोजित किया गया। दर्शन हेतु मंदिर परिसर प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और संध्या 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुला रहता था। मेले के बाद, 30 जुलाई से तीन दिवसीय निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर आयोजित किया जाएगा। भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
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