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Jamshedpur डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन का दीक्षांत समारोह आयोजित , विधायक सरय़ू राय बतौर मुख्य अतिथि रहे उपस्थित DBMS College of Education convocation ceremony held, MLA Saryu Rai was present as the chief guest.

 


Jamshedpur (Nagendra) डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन के वर्ष 2019-21, 2020-22 और 2021-23 सत्र के विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि थे। दीक्षांत समारोह के दौरान डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर, संस्थापक श्रीमती नटराजन के अलावा डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रिंसिपल एके झा विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित थे। विद्यार्थियों को बीएड की डिग्री उपलब्ध कराई गई। इस मौके पर सरयू राय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब आपको आज से शिक्षकों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार ने जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई है, उसमें आपकी भूमिका के बारे में बखूबी उल्लेख है। शिक्षा के माध्यम से देश के मेधावी मस्तिष्कों का चयन करना और उन्हें इस रुप में विकसित करना कि दुनिया भर से आने वाली विभिन्न चुनौतियों का राष्ट्रहित में कर सकें।


 सरयू राय ने कहा कि हमारे विद्यालय/विश्वविद्यालय हैं, उनके एक संस्थान के रुप में काम करना चाहिए। आज इसकी कमी हो गई है। जिस तरह से प्रकृति में जून-जुलाई माह में बरसात हो जाती है, फसलें लगाई जाती हैं, फसलें कटती हैं, फिर रबी की फसल की बुआई होती है, इससे एक तारतम्यता का पता चलता है। प्रकृति के जितने भी मौलिक कार्य होते हैं, सब समय पर होते हैं। इसी प्रकार विद्यालयों/विश्वविद्यालयों को नामांकन, सत्र कब पूरा होगा, कब परीक्षा होगी, कब परीक्षाफल निकलेगा, ये सब तय कर लेना चाहिए। ये सब व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को काफी लाभ पहुंचेगा। 


सरयू राय ने कहा कि सरकार द्वारा निजी विद्यालयों को कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित सीटों पर पढ़ाई के लिए जो अनुदान देना था, वह नहीं देने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार विद्यालयों/विश्वविद्यालयों को समय पर अनुदान नहीं देगी तो शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी और शिक्षण संस्थानों को चलाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सरकार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जो जिम्मेदारियां हैं, उनका निर्वहन करना चाहिए। ऐसा करने से ही शिक्षण संस्थानों से दक्ष और प्रवीण युवा बाहर आकर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकेंगे।



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