Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

‌Bhopal भारत के हृदय प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाला संकल्प पत्र A resolution letter connecting the heartland of India with the mainstream of development

 


केंद्रीय बजट 

Upgrade Jharkhand News. भारत का केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह देश के विकास की दिशा निर्धारित करने वाला एक विजन दस्तावेज होता है। जब हम इस वर्ष के बजट का विश्लेषण मध्य प्रदेश के संदर्भ में करते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि 'भारत के हृदय प्रदेश' को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक सुविचारित खाका तैयार किया है। यह बजट मध्य प्रदेश की विविध भौगोलिक और आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया प्रतीत होता है, जिसमें कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था से लेकर औद्योगिक क्रांति और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण तक हर पहलू पर जोर दिया गया है। मध्य प्रदेश, जो पिछले कुछ वर्षों से बीमारू राज्य की छवि को पीछे छोड़कर विकासशील राज्यों की श्रेणी में अग्रणी रहा है, उसके लिए यह बजट एक उत्प्रेरक का कार्य करेगा। विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में, जो मध्य प्रदेश की रीढ़ है, बजट ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। केंद्र ने आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और भंडारण सुविधाओं के लिए जो आवंटन किया है, उसका सीधा लाभ प्रदेश के उन करोड़ों किसानों को मिलेगा जो गेहूं और सोयाबीन उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। सिंचाई परियोजनाओं, विशेष रूप से केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए निरंतर समर्थन न केवल बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगा, बल्कि राज्य की कृषि विकास दर को नए आयाम प्रदान करेगा।


​उद्योगों के मामले में मध्य प्रदेश अपनी रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाने के लिए तैयार है। बजट में औद्योगिक गलियारों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित रियायतों ने राज्य में निवेश के नए वातावरण का सृजन किया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों के आसपास औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की केंद्र की योजना से स्थानीय व्यापार को वैश्विक पहचान मिलेगी। उद्योगों को मिलने वाली यह गति सीधे तौर पर रोजगार सृजन से जुड़ी है। नई नौकरियों की तलाश में जुटे युवाओं के लिए बजट में कौशल विकास योजनाओं और इंटर्नशिप कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह निवेश केवल सरकारी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार के लाखों अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है। स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए करों में छूट और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के प्रावधान मध्य प्रदेश के उभरते उद्यमियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। रोजगार के ये नए अवसर न केवल पलायन को रोकेंगे, बल्कि युवाओं को उनके गृह प्रदेश में ही अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेंगे।


​बुनियादी ढांचे की बात करें तो रेलवे और सड़क परिवहन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिला आवंटन ऐतिहासिक है। रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार से राज्य के दूरदराज के इलाके भी अब मुख्य रेल नेटवर्क से सुगमता से जुड़ सकेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के दर्जनों स्टेशनों का पुनर्विकास उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करेगा। इसके साथ ही नई रेल लाइनों का बिछाया जाना और रेल मार्गों का विद्युतीकरण न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि माल ढुलाई की लागत कम करके व्यापार को भी मजबूती प्रदान करेगा। सड़कों, राजमार्गों, ओवरब्रिज और फ्लाईओवर्स का जाल बिछाने की केंद्र की प्रतिबद्धता मध्य प्रदेश के शहरों और गांवों के बीच की दूरी को कम कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार और राज्य के भीतर नए कॉरिडोर का निर्माण माल के परिवहन को तेज करेगा, जिससे प्रत्यक्ष रूप से अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। शहरों में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर्स और ओवरब्रिज शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेंगे और समय की बचत के साथ-साथ ईंधन की खपत को भी कम करेंगे।


​बजट का एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा महिलाओं के स्वावलंबन और बालिकाओं के कल्याण के प्रति समर्पित है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 'लखपति दीदी' जैसी योजनाओं को विस्तार देना मध्य प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला कदम है। जब महिला आर्थिक रूप से स्वतंत्र होती है, तो पूरा परिवार और समाज प्रगति करता है। इसके साथ ही, बालिकाओं की निजता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना समाज की एक बड़ी आवश्यकता को संबोधित करता है। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर बालिकाओं के लिए अलग और सुरक्षित बुनियादी सुविधाओं का निर्माण, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, और डिजिटल सुरक्षा जैसे पहलुओं को बजट के माध्यम से मजबूती दी गई है। यह संवेदनशीलता दर्शाती है कि सरकार केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों और सुरक्षा के मानकों को भी ऊंचा उठाना चाहती है। बालिकाओं की निजता का सम्मान और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए किए गए बजटीय प्रावधान मध्य प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।


​कुल मिलाकर, यह बजट मध्य प्रदेश की प्रगति के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है। इसमें जहां एक ओर बड़े उद्योगों के लिए स्थान है, वहीं दूसरी ओर सबसे छोटे किसान और घरेलू कामकाजी महिलाओं की जरूरतों का भी सम्मान है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच 'डबल इंजन' के समन्वय से यह बजट जमीन पर उतरने के लिए तैयार है। जब सड़कों का जाल बिछेगा, खेतों तक पानी पहुंचेगा, युवाओं के हाथ में काम होगा और महिलाएं स्वावलंबी होंगी, तभी मध्य प्रदेश सही मायने में विकसित भारत का एक मजबूत स्तंभ बनेगा। बजट के ये सकारात्मक प्रभाव आने वाले वर्षों में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि, जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक समरसता के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। 


यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि केंद्रीय बजट ने मध्य प्रदेश को विकास की एक ऐसी पटरी पर खड़ा कर दिया है, जहां से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की मंजिल अब अधिक दूर नहीं लगती। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का पत्र नहीं, बल्कि सात करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पंख देने वाला एक संकल्प पत्र है जो आने वाले समय में मध्य प्रदेश की स्वर्णिम गाथा लिखेगा। डॉ. राघवेंद्र शर्मा 



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.