Guwa (Sandeep Gupta) SESBF ट्रस्ट बोर्ड की 50वीं बोर्ड ऑफ ट्रस्टी मीटिंग दिनांक 2 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित इस्पात भवन, सेंट्रल मार्केटिंग ऑर्गनाइजेशन में आयोजित की गई। इस बैठक में भारतीय मजदूर संघ (BMS) की ओर से तीन प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें मेघाहातूबुरू से संतोष कुमार पंडा, बोकारो से रमेश मिश्रा तथा भिलाई से संजय प्रताप सिंह शामिल थे। बैठक के दौरान बीएमएस के प्रतिनिधियों ने SESBF ट्रस्ट बोर्ड की संरचना को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड मैनेजमेंट, ऑफिसर एसोसिएशन और ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों से मिलकर बना है, लेकिन गठन के बाद से अब तक ट्रस्ट के अकाउंट में सिग्नेचर अथॉरिटी केवल मैनेजमेंट और ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के पास रही है, जबकि किसी भी ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि को यह अधिकार नहीं दिया गया।
इस मुद्दे को बीएमएस प्रतिनिधियों ने जोर-शोर से उठाया, जिसके परिणामस्वरूप बैठक में ऑफिसर एसोसिएशन की प्रतिनिधि एन. के. बंछोर का नाम अकाउंट सिग्नेचर अथॉरिटी से हटाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी बताया गया कि कर्मचारियों के वेतन से हर माह 2 प्रतिशत की कटौती कर सेल SESBF ट्रस्ट में जमा की जाती थी, जो सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों को मिलती थी। अब SESBF ट्रस्ट बोर्ड ने इसे 31 मार्च 2026 तक बंद करने का निर्णय लिया है, जिसका भारतीय मजदूर संघ ने कड़ा विरोध किया। मैनेजमेंट ने एकतरफा निर्णय लेते हुए कहा कि कर्मचारियों को इस राशि को NPS में शामिल करने का विकल्प दिया जाएगा।
31 मार्च 2026 के बाद कर्मचारियों के पास यह विकल्प होगा कि वे 2 प्रतिशत कटौती कराएं या नहीं। यदि कटौती कराई जाती है तो राशि NPS के PRAN अकाउंट में जमा होगी, जबकि कटौती नहीं कराने पर वह राशि कर्मचारियों को उनके वेतन में दी जाएगी। वहीं, 31 मार्च 2026 से पहले जमा की गई राशि के लिए भी कर्मचारियों को विकल्प दिया जाएगा कि वे पैसा वेतन में लें या NPS में स्थानांतरित कराएं। भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के सवालों के बावजूद मैनेजमेंट SESBF ट्रस्ट को बंद करने के ठोस कारण स्पष्ट नहीं कर पाई। इस बैठक में संतोष कुमार पंडा, कोषाध्यक्ष, ऑल इंडिया स्टील फेडरेशन (BMS) सह ट्रस्टी, सेल SESBF ट्रस्ट बोर्ड ने कर्मचारियों के हितों की जोरदार पैरवी की।




































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