Jamshedpur (Nagendra) स्वदेशी जागरण मंच का परिवार सम्मेलन निक्को पार्क, जुबिली पार्क, जमशेदपुर में संपन्न हुआ। परिवार सम्मेलन में लगभग 500 सदस्य अपने परिवार सहित उपस्थित थे जिनमें पुरूष, महिलाये एवं बच्चे उपस्थित थे। यह जानकारी जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख संगीता श्रीवास्तव ने दी। इस दौरान सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उड़ीसा से आये संगठक एवं अखिल भारतीय संघर्षवाहिनी प्रमुख अन्नदाशंकर पाणीग्रही ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुये स्वदेशी जागरण मंच के क्रियाकलापों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी फैला नहीं बल्कि संगठित है और अपने उद्देश्यों को लेकर सजग है। उन्होंने कुटुम्ब व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आज के समय में अभिभावकों को बच्चों को रामायण एवं महाभारत को जानने के लिये कक्षायें लेनी पड़ रही है।
यह हमारे भारतीय समाज के लिये एक विडंबना ही है। हमारे बच्चे राम बने उनके संस्कारों को अपनायें, इसपर ध्यान देना होगा। लेकिन उसके लिये परिवार में कौशल्या और कैकयी जैसी माता भी होनी चाहिए। माता सबरी के दिये अतिथि देवों भवः के भाव को परिवार में अपनाना होगा। हमारी संस्कृति कोई लिटरेचर नहीं है। परिवार में नारियों का सम्मान होना चाहिए क्योंकि जहां नारियां पूजी जाती है वहां भगवान बसते हैं। सबमें यह भावना होनी चाहिए कि हम पंचभूत को मां का दर्जा दें और उसके संरक्षण के बारे में सोचें। हम एक साईकिल हैं जो एक दूसरे से जुड़े हैं। समाजिक व्यवस्था का पालन परिवार एवं समाज के सभी व्यक्ति को करना चाहिए। इस अवसर पर अ.भा. पर्यावरण सह प्रमुख ने कहा कि संगठित परिवार में रहने वाली महिलाओं का परिचय कराते हुये कहा कि अगर परिवार संगठित रूप में रहता है तो वहां बुजुर्गों रहते हैं जो बच्चों में अच्छे संस्कार डालते हैं और बच्चें माता-पिता का भी सम्मान करना सीखते हैं।
आज हम पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं जिससे परिवार टूट रहे हैं। स्वदेशी जागरण मंच हमेशा से यह मानना रहा है और आव्हान करता है कि परिवार संगठित होकर रहे और वहां स्वदेशी का भाव रहे। परिवार सम्मेलन में स्वजाम के राष्ट्रीय परिषद सदस्य मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे के प्रति अपने अभिव्यक्ति सोशल मीडिया के जरिये प्रकट करते हैं। जिससे आपस में सामंजस्य और भावनात्मक जुड़ाव कम हो रहा है। अब तो सरकार भी इसपर सोचने पर मजबूर हो गई है। आज परिवार के संस्कार पर हमला हो रहा है। हमे अपने दायित्वों का निर्वहन खुद से करना होगा। हम जितने माडर्न हो रहे हैं उसका असर हमारे परिवारों, बच्चों के संस्कारों पर पड़ रहा है और बच्चों में अच्छे और पुराने संस्कारों की कमी हो रही है। समाज में इसके प्रति हमें सजगता लानी होगी। सम्मेलन के अंत में धन्यवाद ज्ञापन स्वजाम के जिला संयोजक राजपति देवी ने किया।
इस अवसर पर प्रांत युवा प्रमुख पंकज सिंह, जे.के.एम. राजू, जटाशंकर पाडे, स्वावलंबी के निदेशक अशोक गोयल, मुकेश ठाकुर, संजीत सिंह के.पी. चौधरी, अजित कुमार सिंह, अभिषेक बजाज, मनोज सखुजा, रमेश कुमार के अलावा भारी संख्या में कार्यकर्ता एवं विभिनन परिवारों के लोग उपस्थित थे।




































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