Jamshedpur (Nagendra) डायरिया के दौरान शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ जाती है, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, देश में डिहाइड्रेशन एक बड़ी लेकिन कम समझी जाने वाली स्वास्थ्य चुनौती है। इस समस्या से निपटने के लिए अब लोगों के पास ओआरएसएल और ईआरजेडएल जैसे आधुनिक हाइड्रेशन विकल्प उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि ओआरएसएल डायरिया के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन में प्रभावी है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानक फॉर्मूले पर आधारित है, जो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बहाल करने में मदद करता है। अब यह रेडी-टू-ड्रिंक और पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध है, जिससे इसका उपयोग और भी आसान हो गया है।
वहीं, ईआरजेडएल को रोज़मर्रा की हाइड्रेशन जरूरतों के लिए तैयार किया गया है। यह थकान, कमजोरी, गर्मी से होने वाली परेशानी और हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन में सहायक बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ईआरजेडएल में पहले की तुलना में 1.4 गुना अधिक इलेक्ट्रोलाइट्स और 8 गुना कम शुगर है, जिससे यह पानी की तुलना में तेजी से शरीर को हाइड्रेट करता है। इसमें सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड, विटामिन-सी और असली फलों का रस शामिल है। इन उत्पादों को केनव्यू इंडिया ने पेश किया है। कंपनी के मनीष आनंदानी के अनुसार, केनव्यू लंबे समय से हाइड्रेशन के क्षेत्र में कार्य कर रही है और दो-उत्पाद रणनीति के जरिए बीमारी के दौरान और रोज़मर्रा की देखभाल दोनों जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने का लक्ष्य रखती है।

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