Jamshedpur (Nagendra) वर्तमान में धनबाद जिला के प्रभारी और पिछले 45 वर्षों से भाजपा का दामन थाम कर निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले भाजपा के पूर्व जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर भाजपा नेताओं पर जमकर हमला बोला । उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि वे भाजपा के एक सच्चे सिपाही होने के नाते पिछले 45 वर्षों में विभित्र दायित्व का निरवहन करते हुए पार्टी की सेवा देते रहे हैं और पार्टी का एक समर्पित कार्यकर्ता हूं, परन्तु आज मुझे ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ अवसरवादी नेता अपने सिद्धांत से भटक गए हैं और मुझे भाजपा और अपनी पत्नी में से किसी एक को चुनने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है, क्योंकि मेरी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव मानगो नगर निगम के मेयर पद पर चुनाव लड़ रही है, जबकि दूसरी ओर भाजपा समर्थित प्रत्याशी संध्या सिंह है जो कभी घर के चौखट से बाहर अपना पैर रखी ही नहीं है। उनके पति नीरज सिंह भी चाईबासा में रहते थे जो चार साल पूर्व जमशेदपुर में आए हैं और दयाल इंटरनेशनल होटल के मालिक हैं।
इन लोगों ने मानगो वासियों के दुःख दर्द क्या जानेंगे ? राजकुमार श्रीवास्तव ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रदेश नेतृत्व पहले कुमकुम श्रीवास्तव को पार्टी समर्थित प्रत्याशी बनाने की बात कही थी, तभी मैने अपनी पत्नी को मेयर पद के लिए नामांकन कराया था, लेकिन बाद में संध्या सिंह को किस कारण समर्थन दिया गया ? श्रीवास्तव ने कहा पहले जिला के प्रवास में बाहर से आने वाले पार्टी के वरीय नेता गण अपने कार्यकर्ताओं के यहां ठहरते थे , लेकिन आज दयाल इंटरनेशनल जैसे होटल और हाइवे के नामी गिरामी रिसोर्ट में ठहरते हैं क्योंकि उनके पीछे नीरज सिंह जैसे लोग खातिरदारी में नतमस्तक रहते हैं तो क्या पार्टी के समर्पित और आदर्शवादी कार्यकर्ताओं की मेहनत का कोई मोल नहीं है ? वे लोग सिर्फ पार्टी का झंडा ढोने के लिए हैं । राजकुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कुमकुम श्रीवास्तव 1992 से ही भाजपा पार्टी से जुड़कर जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है और एक पढ़ी लिखी कर्मठ महिला है जो मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए हर तरह से सबसे उपयुक्त प्रत्याशी है जो जनता की पहली पसंद भी है। उन्होंने कहा ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं को पार्टी द्वारा नजरअंदाज कर उपेक्षित किया गया जो पार्टी हित में नहीं है। इससे हम जैसे पुराने कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। इसलिए पार्टी में रहना अब मुश्किल हो गया है। राजकुमार श्रीवास्तव ने भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्व एवं प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए कहा कि भाजपा में रहने से अच्छा है कि मैं अपनी पत्नी के साथ रहूं।
राजकुमार श्रीवास्तव ने मेयर चुनाव में अपनी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव को भारी मतों से जिताने के लिए चुनाव के दिन बैलेट पेपर में छड़ी छाप पर मुहर लगाने की जनता से अपील किया है। वहीं प्रेस वार्ता में शामिल भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कहा करते थे कि "नए दस लोग चले जाएं, लेकिन हमारा एक भी पुराना कार्यकर्ता नहीं टूटना चाहिए। आज उस भावना की भी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मानगो नगर निगम का चुनाव नीतिगत रूप से गैर-राजनीतिक है और किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ा जा रहा है। इस चनाव में कोई भी महिला मेयर पद पर चुनाव लड़ सकती है ऐसे में पार्टी की ओर से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए और राजकुमार श्रीवास्तव जी की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव मेयर पद पर सबसे प्रबल उम्मीदवार हैं , क्योंकि जनता का अपार समर्थन इन्हें मिल रहा है, लेकिन वर्तमान में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के कथन का पार्टी में ही घोर उल्लंघन एवं अनदेखी हो रही है।
उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने और संपन्न लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। विकास सिंह ने कहा कि मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर प्रत्याशी के रूप में कुमकुम श्रीवास्तव अन्य सभी प्रत्याशियों पर भारी हैं, जो वर्षों से भाजपा पार्टी से जुड़ी रही हैं। बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाए रखी। भाजपा में आज सभी शीर्ष नेता कोई न कोई दूसरे पार्टी से आकर पार्टी के मूल सिद्धांत को मिटाने का काम कर रहे हैं । वहीं राजकुमार श्रीवास्तव ने कहा कि घोर उपेक्षा और निराशा की स्थिति के कारण ही वे भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं, हालांकि पार्टी और उसके विचारों के प्रति सम्मान उनके मन में बना रहेगा। उन्होंने अपने पत्र में आग्रह किया है कि उनका त्यागपत्र स्वीकार किया जाए और भविष्य में मार्गदर्शन मिलता रहे। प्रेसवार्ता में मेयर प्रत्याशी कुमकुम श्रीवास्तव भी मौजूद रहीं।




































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