- किसान आंदोलन को खालिस्तान आंदोलन कहा गया
Upgrade Jharkhand News. क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री को गद्दार सिख कहे जाने पर हाय तौबा मचाने वाले रेलवे राज मंत्री, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा तब कहां थे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में मनमोहन सिंह को लेकर अपमानित, अमर्यादित और असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया था? प्रधानमंत्री ने कहा था, बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाने की कला कोई डॉक्टर साहब से सीखे। इतने घोटाले हो गए लेकिन उन पर दाग नहीं लगा। नरेंद्र मोदी ने पूरी जांच एजेंसी उनके खिलाफ लगाई लेकिन क्या हुआ? दुनिया का सबसे बड़ा अर्थशास्त्री और देश का ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ प्रधानमंत्री बेदाग रहा।
भाजपा के इन मंत्रियों और सिख नेताओं को तब सिख पंथ की याद नहीं आई, जब किसान आंदोलन कर रहे सिख किसान नेताओं पर हमले हुए और बीजेपी का आईटी सेल इसे खालिस्तान आंदोलन बताता रहा। इनका मुंह क्यों बंद था?पहले कांग्रेस नेताओं ने आतंकवादी बोलकर सिखों को अपमानित किया?खुद रवनीत सिंह बिट्टू के दादा और उस समय के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह पर अपने कार्यकाल में हजारों निर्दोष सिखों को मरवाने का आरोप है। इस रवनीत सिंह बिट्टू को पगड़ी धारण कर सिख पहचान में रहने की सलाह राहुल गांधी ने दिया था तब क्या वह सिख विरोधी था? मंत्री बिट्टू ने धरने पर बैठे सांसदों के लिए यह टिप्पणी क्यों की कि वे कारगिल जीत कर आए हैं क्या? बिट्टू स्वार्थी हैं, तब स्वार्थ पूरा हो रहा था क्योंकि कांग्रेस ने उसे तीन बार सांसद और एक बार लोकसभा में उपनेता बनाया। सच्चा सिख क्यों हर व्यक्ति मुसीबत और विपत्ति के दौर में साथ नहीं छोड़ता है बल्कि अपनी जान तक कुर्बान कर देता है।
मनजिंदर सिंह सिरसा को अकाली, अरविंद सिंह लवली और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को कांग्रेसी कौन सी संज्ञा देंगे। यह सिरसा लवली बिट्टू खुद बता दें कि वे बीजेपी छोड़नेवाले शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा और कीर्ति आजाद के लिए किन शब्दों का प्रयोग करेंगे? साथ छोड़ने वाले को हमेशा गद्दार ही कहा जाता है भाजपा नेता शब्दकोष और इनसाइक्लोपीडिया निकालकर इस शब्द का अच्छी तरह अध्ययन कर लें।




































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