Upgrade Jharkhand News. लगातार विवाद होने के बाद भी सरायकेला खरसावां जिला के तिरुलडीह व ईचागढ़ थाना क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध बालू खनन व परिवहन हो रहा है। जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बालू अवैध नहीं है तो रात के अंधेरा में हाइवा एवं ट्रैक्टर द्वारा क्यों बालू परिवहन किया जा रहा है। दिन में बालू परिवहन क्यों नहीं किया जा रहा है ? मालूम हो कि अवैध बालू परिवहन के मुद्दे पर ईचागढ़ थाना क्षेत्र के डुमटांड़ में 18 नवंबर 2025 को झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो, बालू माफियों एवं पुलिस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष हुआ था।
उस घटना में तरुण महतो एवं दो पुलिस कर्मी बुरी तरह से घायल हुआ था। घटना के बाद तरुण महतो एवं उनके तीन समर्थक पर केस दर्ज हुआ था। तरुण महतो अब भी जेल में बंद है। उसके बाद 20 फरवरी को तिरुलडीह पंचायत के मुखिया सुधीर सिंह मुंडा ने अवैध बालू खनन, भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक, कोल्हान के पुलिस उप महानिरीक्षक, जिला के पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों को पत्र सौंपा। इसके बाद भी बालू खनन एवं परिवहन बंद नहीं हो रहा है। इससे संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि बालू परिवहन में किसका हाथ है।

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