- बादल परिवार की तरह कुदरत इंसाफ करेगी
Upgrade Jharkhand News. क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने सरदार भगवान सिंह के चौथी बार प्रधान बनने पर कहा कि वे बेशर्मी की हद पार कर गए हैं और उन्होंने संविधान को ताक में रख गुंडागर्दी के बल पर माला पहन ली है जबकि वहां बलजीत सिंह ने अपनी दावेदारी सार्वजनिक रूप से दी थी और अपना आवेदन भी देने की कोशिश की जिसे कमेटी वालों ने जानबूझकर नहीं लिया था।
जब दो उम्मीदवार थे तो चुनाव क्यों नहीं करवाया, माला कैसे पहन लिया गया? रविवार को मानगो ही नहीं, जमशेदपुर ही नहीं बल्कि पूरी झारखंड की सिख संगत ने देख लिया है कि महंत की परिभाषा क्या होती है। भगवान सिंह महंत ही हैं जो प्रधानगी की कुर्सी छोड़ नहीं रहे हैं जबकि संविधान के अनुसार दो कार्यकाल से ज्यादा समय तक कोई प्रधान नहीं बन सकता है। गुंडागर्दी के बल पर माला पहनकर खुद को प्रधान घोषित करवा लेना यह कला अब सभी गुरुद्वारों के प्रधान भगवान सिंह से सीखेंगे और इसको आदर्श के रूप में लेंगे।
भगवान सिंह राज पैसे और राजनीतिक पहुंच की ताकत दिखा रहे हैं । लेकिन वह जान लें बादल परिवार से ज्यादा ताकतवर पंजाब में कोई राजनीतिक नहीं हुआ और कुदरत ने इंसाफ किया है। आज क्या स्थिति है? अपने पूर्ववर्ती प्रधान को देख लें कुदरत ने उनके साथ कैसा न्याय किया है और अब उनकी बारी रहेगी? जिसकी साक्षी क़ौम एवं संगत बनेगी।

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