Jamshedpur (Nagendra) यूनिवर्सल पीस पैलेस रिट्रीट सेंटर में तीन दिवसीय प्राकृतिक स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक जागरूकता शिविर का आज शुभारंभ हुआ। इस शिविर में लगभग 100 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली, रोगमुक्त जीवन और आध्यात्मिक संतुलन के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जो ज्ञान और स्वास्थ्य जागरूकता के प्रकाश का प्रतीक है। प्रातःकालीन सत्र में अंजू दीदी ने आध्यात्मिक कक्षा में मन की शांति, सकारात्मक सोच और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानसिक संतुलन और आध्यात्मिकता स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। इसके बाद भोपाल से पधारे विश्व प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. रमेश तिवानी ने विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न रोगों के मूल कारणों को अलग-अलग समझाते हुए बताया कि किस प्रकार कच्चे आहार (अपक्व आहार), उपवास और प्राकृतिक जीवनशैली के माध्यम से शरीर स्वयं को स्वस्थ कर सकता है।
डॉ. तिवानी ने कहा कि आज अधिकांश बीमारियां गलत खान-पान, शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमाव और असंतुलित जीवनशैली के कारण उत्पन्न होती हैं। यदि शरीर को उपवास द्वारा विश्राम दिया जाए और उसे फल, सब्जियों तथा प्राकृतिक आहार से पोषण मिले तो शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता स्वयं सक्रिय हो जाती है। अपने संबोधन में उन्होंने कई बीमारियों के प्राकृतिक उपचार पर विशेष प्रकाश डाला, जिनमें शामिल हैं : अपेंडिक्स की समस्या ,बवासीर ,बुखार व संक्रमण महिलाओं से संबंधित समस्याएं , डायबिटीज , उच्च व निम्न रक्तचाप ,पाचन संबंधी रोग ,मोटापा व अन्य जीवनशैली से जुड़ी , बीमारियां। उन्होंने बताया कि उपवास शरीर की सफाई (डिटॉक्स) करता है और कच्चा प्राकृतिक आहार शरीर की शक्ति को पुनः संतुलित करता है, जिससे बिना दवाइयों के भी स्वास्थ्य में सुधार संभव है। शिविर में प्रतिभागियों को पूर्णतः प्राकृतिक कच्चे आहार से बने स्वादिष्ट व्यंजन भी परोसे गए, जिनमें चुकंदर का हलवा, मिक्स वेज कटलेट आदि शामिल थे। इन व्यंजनों ने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक आहार न केवल स्वास्थ्यवर्धक बल्कि स्वादिष्ट भी हो सकता है।
आयोजकों ने बताया कि जो नए लोग इस शिविर से जुड़ना चाहते हैं, वे अभी भी शेष दिनों में एक या दो दिन के लिए आकर भी शिविर का लाभ ले सकते हैं। शिविर के पहले दिन लोगों में काफी उत्साह देखा गया और अनेक प्रतिभागियों ने प्राकृतिक एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की। यह शिविर आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा, उपवास, आहार चिकित्सा और आध्यात्मिक जीवनशैली पर और भी महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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