Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur शिव पुराण भक्तों को ज्ञान, मोक्ष और भक्ति का मार्ग दिखाता है- सूदर्शनाचार्य महाराज Shiva Purana shows the path of knowledge, salvation and devotion to the devotees - Sudarshanacharya Maharaj

 


  • बिष्टुपुर में कलश यात्रा के साथ शिव महापुराण कथा का शुभारंभ

Jamshedpur (Nagendra) बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में (श्रीराम मंदिर के पीछे) मंगलवार को कलश यात्रा के साथ भव्य रूप से सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा श्रीराम मंदिर से निकली, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक पोशाक में कलश धारण कर, बैंड-बाजों और शिव भजनों के साथ शामिल हुईं। श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए कलश यात्रा में नृत्य करते नजर आए। कथा स्थल पर सुबह गणेश पूजन, कलश स्थापना, वेदी स्थापना पूजन और शाम को मंत्रोच्चार के साथ कथा का आगाज हुआ। यजमान पुष्पा देवी-रामा कांत साह ने पूजा की। इसका आयोजन श्री श्री 1008 बाबा बासुकीनाथ का 17 वां वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर शहर की धार्मिक संस्था मित्र कांवड संघ टाटानगर द्धारा किया जा रहा हैं। 


प्रथम दिन मंगलवार को व्यासपीठ से चित्रकुट मधुसूदन सेवाधाम के प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी सूदर्शनाचार्य महाराज ने शिव महात्मय कथा, शिवपुराण परिचय, शिवलिंग महिमा, भस्म रूद्राक्ष महिमा का प्रसंग विस्तार से बताया। कहा कि शिव महापुराण कथा के श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह पुराण भक्तों को ज्ञान, मोक्ष और शिव-भक्ति का मार्ग दिखाता है, जिसमें शिवलिंग पूजा, भस्म और रुद्राक्ष धारण करने की महिमा को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। कथाचावक ने कहा कि शिव महापुराण ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का मार्ग है, जो शिवलिंग पूजा, रुद्राक्ष और भस्म के माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। 


दूसरे दिन बुधवार को कथावाचक नारद मोह, सृष्टि वर्णन, धनवति कुबेर परिचय, गंगा अवतरण, समुद्र मंथन, नारी धर्म, अर्धनारीश्वर कथा का प्रसंग सुनाएगें। प्रथम दिन मंगलवार को मुख्य यजमान के रूप में पुष्पा देवी-रामा कांत साह और अंचल-मनीष कश्यप उपस्थित थे। इस मौके पर काफी संख्या में भक्तगण शामिल थे। शिवकथा का प्रवचन रोजाना दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगा। बुधवार से रविवार तक  सुबह 7 से 10 बजे तक पूजन अलग-अलग 11 जोड़े पूजा करायेंगें। शिवकथा के अंतिम दिन 16 मार्च सोमवार की शाम को बिष्टुपुर जलाराम भवन में 8 बजे से देर रात तक बाबा बासुकीनाथ का विशाल संकीर्त्तन होगा। मित्र कांवड संघ संस्था ने सभी श्रद्धालुओं से शिव कथा और संकीर्त्तन में आने का अनुरोध किया हैं।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.