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Chaibasa नक्सल प्रभावित सारंडा में पुलिस की मानवीय पहल, भटकी महिला को सकुशल परिवार से मिलाया Police's humanitarian initiative in Naxal-affected Saranda, reunites lost woman safely with her family

 


Guwa (Sandeep Gupta) नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र, जहां एक ओर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं आम हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की संवेदनशील और मानवीय पहल की एक मिसाल सामने आई है। किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को उसके परिवार तक सकुशल पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया। जानकारी के अनुसार देवघर जिला के रंगामोदी चक गांव निवासी शिव नारायण राय की पत्नी कल्पना देवी (26) एक अप्रैल को घर में मामूली विवाद के बाद अचानक लापता हो गई थी। तीन बच्चों की मां, जिसमें एक तीन माह का शिशु भी शामिल है, कल्पना देवी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही हैं। वह भटकते हुए नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र स्थित किरीबुरू खदान के क्रशिंग प्लांट तक पहुंच गई। इसी दौरान क्षेत्र में एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा की टीम के साथ पुलिस की मुठभेड़ की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी। 


ऐसे संवेदनशील माहौल में अहले सुबह करीब पांच बजे सीआईएसएफ के जवानों ने काले कपड़ों में संदिग्ध अवस्था में घूम रही महिला को देखा और तत्परता दिखाते हुए उसे किरीबुरू थाना पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी रोहित कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत मुखिया पार्वती कीड़ों और महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान स्पष्ट हुआ कि महिला रास्ता भटककर यहां पहुंच गई है। पुलिस ने उसे सुरक्षित महिला पुलिस की निगरानी में रखा तथा नए कपड़े और चप्पल उपलब्ध कराए। साथ ही उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने महिला के पति शिव नारायण राय और पिता त्रिपुरारी राय से संपर्क स्थापित किया।


सूचना मिलने पर दोनों परिजन किरीबुरू पहुंचे, जहां सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को उनके सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने किरीबुरू पुलिस का आभार जताते हुए बताया कि कल्पना देवी लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं और इससे पहले भी वह कई बार घर छोड़कर कोलकाता, गया और इलाहाबाद तक जा चुकी हैं, जहां से परिवार ने उन्हें खोजकर वापस लाया था। यह घटना पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण की सराहनीय मिसाल बन गई है।



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