Jamshedpur (Nagendra) हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में एक पत्रकार पर उनके समर्थकों द्वारा किए गए हमले ने इस सरकार की पूरी पोल खोल कर रख दी है , जिससे पूरे राज्य में पत्रकारों के बीच गहरा आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है। इस घटना पर वरिष्ठ पत्रकार सह AISMJWA के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता को दबाने का गंभीर प्रयास है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है। श्री भाटिया ने स्पष्ट कहा कि मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में इस तरह की घटना होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों के सामने ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि अगर ऐसे मामलों में ढिलाई बरती गई, तो यह गलत संदेश जाएगा और असामाजिक तत्वों का मनोबल और अधिक बढ़ेगा।
वरिष्ठ पत्रकार श्री भाटिया ने यह भी कहा कि पत्रकार का मूल कर्तव्य जनता के सवालों को उठाना और सत्ता से जवाब मांगना है। ऐसे में सवाल पूछने पर हमला करना और धमकाना, सीधे-सीधे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी पर हमला है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की चुप्पी को भी उन्होंने बेहद खतरनाक बताया। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की कि तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रीतम सिंह भाटिया ने अंत में यह भी कहा कि झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है और सभी पत्रकार संगठनों को एकजुट होकर इस तरह की घटनाओं का विरोध करना चाहिए, ताकि लोकतंत्र का यह महत्वपूर्ण स्तंभ निर्भय और स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि पत्रकार हित में इस तरह के अनेकों मामलों का AISMJWA द्वारा प्रमुखता से उठाया गया है और पत्रकार आंदोलन को एक नई गति प्रदान कर रही है।


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