- यौन संबंध बनाने और वीडियो वायरल करने का आरोप
Upgrade Jharkhand News. सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह एवं महासचिव सरदार गुरुचरण सिंह बिल्ला को जमशेदपुर के एक न्यायालय में पांच मई को पेश होने का आदेश जारी हुआ है। साइबर क्राइम केस संख्या 13/2025 की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज ने आदेश दिया है। यह मामला यौन संबंध बनाने और अंतरंग संबंध का वीडियो बनाने और वायरल करने का है।
परिवादी पीड़िता के अनुसार पारिवारिक मामले को लेकर उस समय के सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे से वह मिली। बार-बार दफ्तर आने से मना किया और वह वादिनी के घर आया। हथियार के बल पर यौन संबंध बनाया। पीड़िता गोलमुरी में रह रही थी तो परेशान होकर गुरु चरण सिंह बिल्ला से मिली। उसने अपने ऑफिस में बुलाया। वहां भगवान सिंह गाड़ी से आए और फिर बात करने के बहाने एक खाली घर ले गए और वहां यौन संबंध बनाया तथा उसकी वीडियो भी बनाई। जब वीडियो मांगा तो उन्होंने कहा कि तुम मुखे के साथ वीडियो बनाओ। मुखे वाला वीडियो मिलेगा तब यह वीडियो वापस कर देंगे। मुखे का वीडियो इन्हें दिया लेकिन वायदे के अनुसार इन्होंने अपना वीडियो नहीं दिया।
कदमा थाना में शिकायत की। पुलिस ने बताया कि केवल मुखे का वीडियो मिला है। वीडियो वायरल हुआ और मुखे जेल चला गया। तो भगवान सिंह चुनाव जीतकर प्रधान बन गए। फिर पूछा उनसे पूछा कि वीडियो वायरल क्यों किया। इन्होंने बचाव में कहा कि वीडियो हमने नहीं पुलिस ने वायरल किया है। फिर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। पीड़िता और उसका बेटा 10 महीने तक जेल में रहे। पीड़िता के अनुसार जेल जाने से पहले और उसके बाद आरोपी अपने मोबाइल संख्या 9431133831 एवं 8210521392 से उसके मोबाइल संख्या 979823407 से कॉल एवं व्हाट्सएप पर बातें करते रहे हैं। पीड़िता के अनुसार उन्होंने वीडियो क्लिपिंग लौटाने तथा पति से खर्च दिलवाने का वादा कर उसका शोषण किया है।
पीड़िता के वकील अधिवक्ता धरम चंद साह के अनुसार पीड़िता और अन्य गवाह का बयान और परीक्षण हुआ है और अब बीएनएसएस की धारा 223 के तहत प्रतिवादियों को पेशी का सम्मन माननीय न्यायालय से जारी हुआ है।

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