Upgrade Jharkhand News. दलमा राजा राकेश हेम्ब्रम के अध्यक्षता मे हुई बैठक मे जुगसलाई तोरोप परगना दसमत हांसदा , झारखंड आन्दोलनकारी डेमका सोय दोलमा बुरू सेंदरा समिति के सदस्य तथा वन विभाग पदाधिकारी और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे बैठक मे दोलमा बुरू सेंदरा को आदिवासी समाज की पारंपरिक धार्मिक सांस्कृतिक विरासत के रूप मे सदियो से मनायी जा रही पूजा पाठ को बदस्तूर मनाने को लेकर सहमति बनी तथा ग्राम सभा ने वन विभाग के पदाधिकारियो को सेंदरा के लिए आने वाले आदिवासियो को रोकने और रास्ते मे चेकनाका बना कर तीर धनुष जब्त करने ,वन विभाग के पदाधिकारीयो द्वारा सेंदरा के लिए आने वाले आदिवासियो को जंगली आदिवासी कह कर प्रताड़ित करने तथा तीर धनुष जब्ती के गत वर्षो के घटनाओ की ओर ध्यान दिलाते हुए मांग किया गया कि वन विभाग सेंदरा के लिए आने वाले आदिवासीयो को बस स्टैंड या रेलवे स्टेशनो पर जबरन डराने धमकाने की घटनाओ पर वन विभाग स्पष्ट करे कि ऐसा अबकी बार नही होगी इस पर रेंजर द्वारा लिखित मे गारंटी दी गयी है कि वे विभाग के आला अधिकारियो को इस सबंध मे जानकारी देगें तथा तीर धनुष जैसे सांस्कृतिक औजार की जब्ती नही की जायेगी,
सेंदरा के पूर्व संध्या दलमा के तलहटी मे इस बार गुरु जी शिबू सोरेन के स्मृति मे पूजा स्थल पर पत्थलगढ़ी की जायेगी इस पर वन विभाग ने सहमति दी है तथा वन विभाग के ओर से आदिवासी समाज के ओर सुतान टांडी मे आयोजित होने वाली ला बीर दोरबार की पारंपरिक व्यवस्था को सहयोग कर सांस्कृतिक धरोहर को सुदृढ़ता के साथ मनाने की दोलमा बुरू सेंदरा समिति के आयोजन को पूर्व की तरह सहयोग दी जायेगी.
बैठक मे वन विभाग द्वारा डिमना लेक के आस पास के वन ग्रामो के सड़को तथा आवागमन के मुख्य मार्गो को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत नही किये जाने के कारण पुनसा ग्राम समेत अन्य ग्रामो के मुख्य सड़क की निर्माण के ओर भी त्वरित कार्रवाई की मांग रखी गयी जिसपर रेंजर ने सहमति दी अन्यथा दोलमा बुरू सेंदरा समिति आन्दोलन करने को बाध्य होगी.
बैठक मे वन विभाग द्वारा दोलमा बुरू में आगजनी की घटनाओ पर रोकथाम के लिए दोलमा बुरू सेंदरा समिति से अनुरोध किया गया इस पर दोलमा के आस पास आऐ ग्राम वासियो ने वन मे आगजनी की घटनाओ मे ग्रामीणो की सलिंप्तता से साफ साफ इंकार करते हुए बताया गया कि वन की सूखी पत्तो के बीच घर्षण के कारण वन मे आग लगती है किसी भी ग्राम के आदिवासी वन मे कभी भी आग नही लगाते हैं वन विभाग द्वारा आदिवासियो पर वन मे आग लगाने का मिथ्या आरोप पर राजनीति न करने का अनुरोध किया गया जबकि सच्चाई यह है कि वन मे आग लगने पर ग्राम वासी ही बगैर विभाग के सहयोग या समर्थन के आग बुझाने के लिए ग्राम वासी हमेशा आगे रहते हैं .
बैठक मे सेंदरा के अवसर गाजे बाजे के साथ भारी संख्या मे इस दोलमा सेंदरा चढ़ने का संकल्प लिया गया बैठक मे जुगसलाई तोरोप परगना दसमत हांसदा , झारखंड आन्दोलनकारी डेमका सोय , लालसिंह गगराई , जेना जामूदा ,संपूर्ण संवैया , लिटा बानसिंह ,धनू मार्डी बाबू बरदा ,समेत अन्य ग्राम वासी मोजूद थे.


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