Guwa (Sandeep Gupta) खदान प्रभावित क्षेत्र की जनसमस्याओं एवं स्थानीय युवाओं, मजदूरों तथा विद्यार्थियों के हितों को लेकर किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरु सेल प्रबंधन को एक मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, छात्रावास एवं अप्रेंटिस चयन प्रक्रिया में स्थानीयता को आधार बनाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं। मांग पत्र में कहा गया कि मेघाहातुबुरु–किरीबुरु खदान प्रभावित क्षेत्रों में नियमित मेडिकल कैंप लगाए जाएं। क्षेत्र मलेरिया प्रभावित होने के कारण सभी प्रभावित परिवारों को निःशुल्क मच्छरदानी उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही आईटीआई एवं अप्रेंटिसशिप चयन प्रक्रिया में आधार कार्ड के बजाय स्थानीय आवासीय (निवास) प्रमाण पत्र को प्राथमिक आधार बनाया जाए, ताकि वास्तविक स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने सुवन छात्रावास में प्रवेश के लिए भी स्थानीय आवासीय प्रमाण पत्र को आधार बनाने की मांग की। वहीं सप्लाई मजदूरों के गेट पास संबंधी समस्याओं का समाधान करते हुए जगन्नाथपुर एवं चक्रधरपुर दोनों अनुमंडलों के निवासियों के पते को समान रूप से मान्यता देने तथा पता बदलने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग रखी गई। इसके अलावा सप्लाई कार्यों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार में प्रथम प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। बैठक के बाद किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरु के पंचायत प्रतिनिधियों ने विधायक से मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधियों ने बताया कि आधार पंजीकरण नहीं होने के कारण कई बच्चों को विद्यालय में नामांकन कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण अब भी आधार कार्ड से वंचित हैं। उन्होंने क्षेत्र में कम से कम 10 दिनों का विशेष आधार नामांकन शिविर लगाने की मांग की। इस पर विधायक ने आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बहादा मुंडा रोया सिद्धू, बालिबा मुंडा, विनोद होनहागा, किरीबुरू पश्चिम की मुखिया पार्वती किड़ो, मेघाहातुबुरु उत्तरी की मुखिया लिपि मुंडा, उपमुखिया सुमन मुंडु, शांतिएल भेंगरा, सीताराम मांझी सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।



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