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Jamshedpur इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डेवलपमेंट फाउंडेशन ने निर्मल गेस्ट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया International Human Rights Development Foundation organized a press conference at Nirmal Guest House.

 


Jamshedpur (Nagendra) इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डेवलपमेंट फाउंडेशन ने रविवार को निर्मल गेस्ट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी क्षेत्रों - न्याय, पुलिस, कानून, सरकारी निकायों आदि में कॉपरेट भागीदारी हेतू मानवाधिकारों की व्यापक सुरक्षा और उनके लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया है । प्रेस कॉन्फ्रेंस में एलन लकड़ा (राज्य सचिव, झारखंड) और कार्यकारी सदस्यों ने - जिनमें गुलज़ार सिंह (राज्य अध्यक्ष), प्रमोद कुमार तिवारी (उपाध्यक्ष), शैलेश जैन (राज्य उपाध्यक्ष), विकास अग्रवाल (राज्य सहायक अध्यक्ष), अनूप कुमार सिंह (राज्य संयुक्त सचिव) और अन्य कार्यकारी सदस्य शामिल थे । संगठन के पदाधिकारियों ने भारत के संविधान और मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR) में निहित सभी क्षेत्रों को शामिल करते हुए मानवाधिकारों पर एक व्यापक अपील जारी की। इस दौरान एलन लकड़ा ने कहा कि मानवाधिकार केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि ये मनुष्य के पूरे जीवन को कवर करते हैं : जैसे ---


1. जीवन, स्वतंत्रता और सम्मान का अधिकार (अनुच्छेद 21): हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। कानून की उचित प्रक्रिया के बिना किसी को भी जीवन और स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता है। हिरासत में हिंसा, गैर-न्यायिक कृत्य और अमानवीय व्यवहार को समाप्त किया जाना चाहिए। 

2. समानता और गैर-भेदभाव का अधिकार (अनुच्छेद 14, 15): जाति, धर्म, लिंग, भाषा या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं। सभी के लिए समान अवसर। 

3. न्याय और कानूनी सहायता का अधिकारः न्याय की भूमिका सर्वोपरि है। हर गरीब, मजदूर, आदिवासी और महिला को मुफ्त, त्वरित और किफायती न्याय मिलना चाहिए। न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानूनी सहायता (अनुच्छेद 39A) अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

 4. पुलिस की भूमिका अधिकारों की रक्षकः

पुलिस को डी. के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य करना चाहिए।

5. कानून का शासनः कानून सबसे ऊपर है। चाहे अधिकारी हो, व्यापारी हो या आम आदमी कानून सबके लिए बराबर है। इसे लागू करना निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होना चाहिए। 

6. सरकारी संस्थाओं की भूमिकाः

a) NHRC/SHRC: उल्लंघनों पर स्वतः संज्ञान लेना।

b) ज़िला प्रशासन (DM, SP, BDO): यह सुनिश्चित करना कि कल्याणकारी योजनाएँ, स्वास्थ्य, शिक्षा आवास गरीबों तक पहुँचें।

c) श्रम विभागः उचित वेतन, ESI, PF और कारखानों में सुरक्षा सुनिश्चित करना।

d) महिला एवं बाल कल्याण विभाग: महिलाओं की सुरक्षा, बाल श्रम और तस्करी को रोकना। 

7. कामगारों और मज़दूरों के मानवाधिकारः

श्रम कानूनों और UDHR के अनुच्छेद 23 के अनुसारः उचित वेतन, 8 घंटे काम, सुरक्षित कामकाजी माहौल, ESL, PF, बोनस का अधिकार बंधुआ मज़दूरी और बाल श्रम न होना। 

8. महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के

अधिकार (अनुच्छेद 23, 24, 39): महिलाओं की सुरक्षा, समान वेतन, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न न होना, बच्चों को शोषण से बचाना, SC/ST, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकार। 

9. शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और आवास का अधिकारः शिक्षा (अनुच्छेद 21A), स्वास्थ्य, स्वच्छ पानी, खाद्य सुरक्षा और आवास बुनियादी मानवाधिकार हैं। 

10. बोलने और अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार (अनुच्छेद 19): हर नागरिक को बोलने का अधिकार है, लेकिन ज़िम्मेदारी के साथ। 

11. कंपनियों की भूमिका / कॉर्पोरेट भागीदारी (CSR - कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135): कंपनियों सिर्फ व्यापार नहीं कर सकतीं। 


उन्हें ये करना होगा:

a) अपनी फैक्ट्रियों में मज़दूरों के अधिकारों का सम्मान करना।

b) शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और मानवाधिकार जागरूकता पर CSR खर्च करना।

c) जागरूकता कैंपों में सरकार और पुलिस का समर्थन करना।

d) नैतिक और पारदर्शी व्यापार अपनाना। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी एम्जीक्यूटिव और नॉन-एग्जीक्यूटिव सदस्यों ने मिलकर यह अपील की कि न्यायपालिका, पुलिस, कानून बनाने वालों, सरकारी संस्थाओं और निजी कंपनियों को मिलकर काम करना चाहिए। मानवाधिकारों की सुरक्षा एक सामूहिक राष्ट्रीय कर्तव्य है। हम इस मिशन में NHRC, प्रशासन और पुलिस को पूरा समर्थन देने का संकल्प लेते हैं। हमारे राज्य के नागरिकों के साथ होने वाले संभावित अन्याय को देखते हुए, हमारा समुदाय सरकारी निकायों, निजी संगठनों, कंपनियों, आम लोगों और पुलिस प्रशासन के सहयोग से बदलाव लाने और उस बदलाव का समर्थन करने के लिए आगे आएगा, ताकि शांति, सम्मान, न्याय और सभी के साथ निष्पक्षता बनी रहे। प्रेसकॉन्फ्रेंस में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह संगठन वंचित एवं जरूरतमंदों के लिए न्याय और निष्पक्षता स्थापित करने के लिए 24 घंटे काम करेगा।



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