Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur एमएमडीआर एक्ट पर बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर जोरदार हमला बोला Babulal Marandi launched a scathing attack on the Jharkhand government over the MMDR Act.

 


Jamshedpur (Nagendra) पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में प्रेस वार्ता कर एमएमडीआर एक्ट, खनिज राजस्व, खनन और उद्योगों की स्थिति को लेकर झारखंड सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए एमएमडीआर एक्ट को लेकर जनता को भ्रमित कर रही है । श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में कोयले पर 450 रुपये प्रति टन और आयरन ओर पर 600 रुपये प्रति टन अतिरिक्त कर लगाए जाने से खनिज की लागत बढ़ती है। उनके अनुसार, इसका असर खनिज आधारित उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और रोजगार पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में कोयला और आयरन ओर की कीमतों का असर उद्योगों पर सीधे पड़ता है।


बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2014-15 में खनिज राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी 60.24 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 88.53 प्रतिशत हो गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में राज्यों को करीब 25 हजार करोड़ रुपये, जबकि 2025-26 में 1,14,549 करोड़ रुपये मिलने का आंकड़ा है। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड को पिछले दस वर्षों में इसके माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं। साथ ही खदानों की नीलामी से राज्यों को रॉयल्टी और प्रीमियम के रूप में बड़ी राशि मिलने की बात कही।


श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में खनिज संपदा का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में बंद आयरन ओर खदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने ओडिशा में खदानों की नीलामी और वहां शुरू हुई खनन गतिविधियों का उदाहरण भी दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड में अवैध कोयला खनन, आयरन ओर के उत्खनन और परिवहन को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में वैध स्रोत से खनिज उपलब्ध कराने और पारदर्शी खनन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। इन आरोपों के समर्थन में प्रेस वार्ता में कोई स्वतंत्र दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। 


बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से खदानों की नियमसम्मत नीलामी, वैध खनन को बढ़ावा देने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग होने से राजस्व एवं रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा एवं जिला मीडिया प्रभारी प्रेम कुमार झा भी मौजूद रहे।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU