Jamshedpur (Nagendra) पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो ने सोनारी स्थित आवासीय कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि झारखण्ड राज्य में अराजकता लाने का काम किया जा रहा है। थाना सरकारी है न कि किसी की बपौती है। श्री महतो ने कहा कि झारखण्ड की इस परिस्थिति में क्रमबद्ध आंदोलन करने का जो घोषणा पुलिस एसोसिएशन ने किया है उसका मैं घोर विरोध करता हूँ।
श्री महतो ने कहा कि विधायक जयराम महतो और झारखण्ड पुलिस एसोसिएशन के मामले में झारखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के अध्यक्ष का मूकदर्शक बने रहना झारखण्ड राज्य के लिए घातक सिद्ध होगा। श्री महतो ने कहा कि यह मामला विधायिका और कार्यपालिका के बीच है जो भविष्य में राज्य को अराजकता की ओर धकेलने का संकेत है। श्री महतो ने कहा कि भारत वर्ष में 28 राज्य और आठ केन्द्र शासित प्रदेश हैं। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष के इतिहास में पहली बार आजादी के 80 साल बाद झारखण्ड के एक विधायक जयराम महतो के पीछे राज्य का पूरा पुलिस महकमा माफी मंगवाना चाहती है या फिर गिरफ्तार करना ? श्री महतो ने कहा कि पुलिस एसोसिएशन का विधायक पर आरोप है कि बरवाअडडा थाना में घुसकर सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, गाली गलौज करना और कई तरह के आरोप लगाये गये हैं।
पुलिस एसोसिएशन ने राज्य व्यापी आंदोलन की घोषणा की है जिसमें 8 सितम्बर से लेकर 10 अकतूबर तक आंदोलन की रुप रेखा तय किया है। पुलिस का यह कदम विधायिका को सीधे सीधे चुनौती देना है जो लोकतंत्र के लिए खतरा है? श्री महतो ने कहा कि थाना में सीसीटीवी को खंगाला जाय धक्का मुक्की और फिर किस प्रकार की सरकारी कार्य में बाधा डालने का कार्य किया गया है। सरकार इसकी जांच कर दुध का दुध और पानी का पानी कर दे। श्री महतो ने कहा कि झारखण्ड पुलिस एसोसिएशन जिस तरह विधायक के खिलाफ 8 सितम्बर से 10 सितम्बर तक क्रमबद्ध आंदोलन करने की योजना बनाई है , उसी प्रकार झारखण्ड की जनता विधायक के पक्ष में झारखण्ड बंद का घोषणा करेगी और पुरे झारखण्ड में कार्य ठप्प कर दिया जायेगा। प्रेसवार्ता में पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो के साथ उनकी धर्मपत्नी सह भाजपा नेत्री पूर्व सांसद श्रीमती आभा महतो भी मौजूद रहीं।

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