Jamshedpur (Nagendra) भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) झारखंड की ओर से जमशेदपुर में सीबीएएम और कार्बन अकाउंटिंग विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में उद्योग जगत के पेशेवरों और सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन, जोखिमों और वैश्विक आवश्यकताओं के प्रति उद्योगों को जागरूक करना तथा टिकाऊ कारोबारी प्रथाओं को बढ़ावा देना था। इसमें सीबीएएम, सामान्य ग्रीनहाउस गैस अकाउंटिंग और भारतीय कार्बन बाजार पर विशेषज्ञ सत्र हुए। वक्ताओं ने कार्बन फुटप्रिंट की पहचान, कार्बन प्रबंधन रणनीति और संगठनात्मक स्तर पर टिकाऊ प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।
पैनल के संयोजक एवं टाटा स्टील के चीफ कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी सौरभ कुंडूने कहा कि सस्टेनेबिलिटी केवल प्रक्रिया नहीं, सोच और जीवनशैली है। संस्थानों को कार्यप्रणाली की समीक्षा कर सुधार के अवसर तलाशने चाहिए। पूर्व चेयरमैन एवं हाईको इंजीनियर्स के प्रबंध निदेशक व सीईओ तपस साहू ने कहा कि झारखंड के छोटे उद्योगों और एमएसएमई के लिए भी टिकाऊ विकास जरूरी है। उन्होंने सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्ष तकनीक और संसाधन दक्षता अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलाव प्रक्रिया में नहीं, कार्य संस्कृति में जरूरी है। टाटा स्टील के विशेषज्ञ सिद्धार्थ सरकार, सौमी चटर्जी और तीर्थ प्रसाद सपकोटा ने व्यावहारिक जानकारी दी। उद्योगों से नियमों के अनुपालन से आगे बढ़कर दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी रणनीति अपनाने को कहा गया।
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