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Jamshedpur कालियाडीह गौशाला पहुंचे संत ग्वाल श्री जी महाराज, बोले—“गौसेवा की यह सुदृढ़ व्यवस्था अनुकरणीय” Saint Gwal Shri Ji Maharaj reached Kaliyadih Gaushala and said, “This strong system of cow service is exemplary.”

 


Jamshedpur (Nagendra) श्री गो-कृपा कथा महोत्सव के अवसर पर जमशेदपुर पधारे परम पूज्य संत ग्वाल श्री जी महाराज ने शनिवार को कालियाडीह गौशाला का भ्रमण कर गौसेवा की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान साध्वी श्रद्धा दीदी भी मौजूद रहीं। गौशाला पहुंचने पर गौभक्तों एवं गौशाला समिति के सदस्यों ने संत ग्वाल श्री जी महाराज का स्वागत किया। गौशाला भ्रमण के दौरान संत ग्वाल श्री जी महाराज ने स्वयं अपने हाथों से गौवंश को हरी सब्जियां, फल, गुड़ आदि खिलाकर गौसेवा का आनंद लिया। उन्होंने गौवंश के रहन-सहन, खान-पान एवं उनकी सेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी बारीकी से देखा और गौशाला की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर गौशाला समिति के अध्यक्ष श्री दीनदयाल काउंटिया ने संत ग्वाल श्री जी महाराज को कालियाडीह गौशाला की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गौशाला में 616 गौवंश की सेवा 47 कर्मचारियों के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यहां सेवा प्राप्त कर रहे सभी गौवंश बिना दूध देने वाले सुखी गौवंश हैं, जिनकी नियमित देखभाल एवं सेवा की जाती है।


गौशाला की व्यवस्थाओं एवं उपलब्ध संसाधनों का अवलोकन करने के बाद संत ग्वाल श्री जी महाराज ने गौशाला समिति को साधुवाद देते हुए कहा कि यहां बहुत ही सुदृढ़ व्यवस्था और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने गौवंश की सेवा के लिए समिति एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा गौसेवा को और अधिक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।


7 दिन रहकर प्रशिक्षण देगा महाराज जी का विशेषज्ञ -संत ग्वाल श्री जी महाराज ने गौशाला की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए कहा कि वे अपनी टीम की ओर से एक अनुभवी प्रशिक्षक को सात दिनों के लिए कालियाडीह गौशाला भेजेंगे। प्रशिक्षक गौशाला के कर्मचारियों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण देगा कि गौवंश को किस प्रकार श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित रखा जाए तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुसार उचित खान-पान एवं फीडिंग की व्यवस्था कैसे की जाए। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा केवल भावनात्मक श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि सही प्रबंधन, उचित आहार और व्यवस्थित देखभाल का भी विषय है। प्रशिक्षित व्यवस्था से गौवंश की सेवा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।


संत ग्वाल श्री जी महाराज के इस भ्रमण को गौसेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा जा रहा है। उनके द्वारा गौशाला की व्यवस्थाओं को करीब से समझना, समिति को प्रोत्साहित करना तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की पहल से गौसेवा को और सुदृढ़ दिशा मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से गौभक्त राजकुमार अग्रवाल, दिलीप गोयल, रामावतार अग्रवाल (स्टील सिटी), विजय आनंद मूनका, अश्विनी कुमार अग्रवाल,  मनोज गोयल,  अनिल अग्रवाल, अनंत सरायवाला,  दर्श मूनका, सुरेश देबुका,  कमल लड्ढा एवं कैलाश अग्रवाल (अधिवक्ता), विशाल तिवारी, अशोक अग्रवाल सहित अन्य गौभक्त एवं गौशाला समिति के सदस्य उपस्थित रहे।



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