गुवा । बाल अधिकार सुरक्षा मंच के द्वारा नोवामुंडी प्रखंड के सभी मुंडाओं और मानकी के साथ एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन आज रविवार को नोवामुंडी स्थित आदिवासी एसोसिएशन क्लब में किया गया। जिसमें सभी बच्चों को उनके अधिकार को सुनिश्चित करने लिए विचार विमर्श किया गया। साथ ही नोवामुंडी प्रखंड के 18 पंचायत के कुल 72 मुंडा एवं 4 मानकी शामिल हुए।
इस सम्मेलन में बच्चों के अधिकार को लेकर प्रखंड में पिछले 5 साल से एस्पायर संस्था के द्वारा सभी समाज के जिम्मेदार व्यक्ति समूहों को जानकारी देने और शिक्षा के लिए एक मजबूत व्यवस्था एवं बच्चों की शिक्षण व्यवस्था में कमी को पूरा करने के लिए एवं निगरानी और मांग करने तथा निरंतर प्रयासरत तैयार रहने पर समझ बनाया गया।
इस दौरान जिला समन्यवयक ने साझा करते हुए कहा कि हमारे प्रखंड में आवासीय सेतु पाठ्यक्रम के माध्यम से एकल अभिभावक असक्षम परिवार के नामांकित एवं ड्रॉप आउट (क्षजित) बच्चों को प्रशिक्षण से जोड़कर उम्र सापेक्ष वर्ग, वर्ग सापेक्ष दक्षता देकर विद्यालय से जोड़ा गया, किंतु जब आवासीय सेतु पाठ्यक्रम कैम्प को बंद किया तो गांव में स्कूल न होने के कारण दोबारा करीब 60 बच्चों को लेकर आवासीय सेतु पाठ्यक्रम में रखा गया।
ऐसे स्थिति को दूर करने के लिए हमारे गांव में मुंडा मानकी ने एक व्यवस्था तैयार कर ग्राम सभा के द्वारा बाल श्रम मुक्त क्षेत्र के लिए चर्चा कर संकल्पित होने से शिक्षित समाज और विकास समाज का निर्माण किया जा सकता है। इस तरह सभी मुंडा पीआरआई और बाल अधिकार सुरक्षा मंच के सदस्यों ने वार्ता कर सभी मुंडा मानकी और प्रखंड के उप प्रमुख ज्योति दास ने ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति को एक्टिव किया जाए और प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति में सभी के सुझाव और मांग को रखने का कार्य करेंगे। जिससे बच्चों को उनका अधिकार दिलाया जा सके। इस दौरान इस मौके पर एस्पायर कलस्टर के सीएफ बेनुधर पान,एलएफ विनीता पान, जिला समन्वयक जी नरेश सहित 18 पंचायत के मुंडा एवं मानकी मौजूद थे।


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