गम्हरिया। प्रखंड के दुग्धा पंचायत अंतर्गत खुचीडीह गाँव के जाहेरगाढ़ प्रांगण में माझी बाबा सह ग्राम प्रधान वीरधान माझी की अध्यक्षता में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया। उक्त ग्राम सभा मे खुचीडीह गाँव के अलावे आसपास के कई गांवों के प्रधान सह माझी बाबा व काफी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान बगैर ग्राम सभा किए संजय नदी के नाम से वृहत जलाशय बाँध एवम् नदी के दोनों छोर के किनारे कई मीटर तक कैलन का सौंदर्यकरण करने का विरोध किया गया। माझी बाबा वीरधान माझी ने बताया कि बिना ग्राम सभा किए राज्य सरकार द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर बिना ग्रामीणों को सूचना दिए सौंदर्यीकरण करना गलत है।
इसे यहां के आदिवासी मूलवासी कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा मोर्चा के अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी ने कहा कि रैयती किसानों की भूमि, अनावाद भूमि और वन भूमि को अतिक्रमण कर लोकतंत्र को हनन करते हुए भारतीय संविधान अनुच्छेद 244(1) में उल्लेखित पाँचवी एवं छठी अनुसूची क्षेत्र और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के क्षेत्रफल में सरकारी / गैर सरकारी योजनाओं को स्थापना के पूर्व सर्वप्रथम क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा करके अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करना अनिवार्य है।
लेकिन राज्य सरकार द्वारा लोकतंत्र को सीधे तौर से हनन करते हुए स्थानीय जिला प्रशासन एवं पुलिस की सहायता से बिना ग्राम सभा किए कार्य को किया जा रहा है। कहा कि इसके विरूद्ध विगत 08 जुलाई' 2022 को विभिन्न आदिवासी-मूलवासी संगठनों और ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति व महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुनः जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्वक एक दिवसीय सामुहिक भुख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके बाद भी इस दिशा में ठोस पहल नहीं कि जाती है तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल किया जाएगा। उसके बाद राज्य सरकार के विरुद्ध उच्च न्यायलय राँची में जनहित याचिका दायर किया जाएगा। बैठक में पूर्व वार्ड सदस्य भरत हांसदा, माझी बाबा भगवत बास्के, दशरथ हेम्ब्रम, रुक्मणि हाँसदा, साकरो कास्के, सुनीता हांसदा, मालती मार्डी, बेबी टुडू, देवला बास्के, लखीराम हांसदा, जगत सोरेन समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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